Oil Price Update: कच्चे तेल के दाम 106 डॉलर के पार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा, ईरान और अमेरिका की लड़ाई का असर
मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों को रोकने और अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने से दुनिया भर के बाज़ारों में हलचल मची है. इस तनाव का सीधा असर अब ग्लोबल मार्केट में दिख रहा है जिससे तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं.
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या है?
ईरान ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है जिसमें उसके सैनिक एक बड़े कार्गो शिप को अपने कब्ज़े में लेते दिख रहे हैं. इसके साथ ही ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम ने कुछ लक्ष्यों पर हमला भी किया है. अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को इस समुद्री रास्ते पर अपनी नौसेना से नाकेबंदी की थी, जिसके जवाब में ईरान ने भी इस रास्ते को बंद कर दिया था. इस पूरे विवाद के कारण Brent Crude का भाव 106.3 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया है.
सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का इस पर क्या कहना है?
सऊदी अरब की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने साफ किया है कि वे समुद्री रास्तों पर लगातार नज़र रख रहे हैं. सऊदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा और तेल की सप्लाई जारी रखने की बात कही है ताकि दुनिया को ऊर्जा की कमी न हो. वहीं, UN इकोनॉमिक कमीशन ने चेतावनी दी है कि इस संकट की वजह से सल्फर और हीलियम जैसे ज़रूरी खनिजों की कमी हो सकती है. IEA ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा सुरक्षा संकट बताया है.
| तारीख | महत्वपूर्ण घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर बमबारी के साथ युद्ध शुरू |
| 7-8 अप्रैल 2026 | अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का ceasefire समझौता |
| 13 अप्रैल 2026 | अमेरिका द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नौसेना नाकेबंदी का ऐलान |
| 18 अप्रैल 2026 | ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने की घोषणा |
| 23 अप्रैल 2026 | तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन बढ़ोत्तरी |
| 24 अप्रैल 2026 | Brent Crude का दाम 106.3 डॉलर प्रति बैरल पहुँचा |