दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और एक बैरल का दाम 100 डॉलर के पार चला गया है। यह तनाव Strait of Hormuz में बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी करने का फैसला लिया है। पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है।

📰: Lebanon Attack: लेबनान के मारूब में इसराइली हवाई हमला, एक ही परिवार के 6 लोग मारे गए

अमेरिका ने नाकेबंदी को लेकर क्या कहा है?

राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि अमेरिकी नौसेना अब तुरंत नाकेबंदी शुरू करेगी। CENTCOM ने कन्फर्म किया है कि सोमवार 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10:00 बजे से ईरान के बंदरगाहों पर आने और जाने वाले सभी जहाजों को रोका जाएगा। यह नियम सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा, लेकिन जो जहाज ईरान नहीं जा रहे हैं, उन्हें रास्ता दिया जाएगा।

ईरान का इस पर क्या रिएक्शन है?

ईरान की Revolutionary Guards (IRGC) ने चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग पर उनका पूरा नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने उन्हें चुनौती दी तो वे कड़ी कार्रवाई करेंगे। ईरान ने इस बात से भी इनकार किया है कि अमेरिकी युद्धपोत वहां से गुजरे हैं और कहा कि जहाजों के आने-जाने का फैसला ईरान की सेना करेगी।

यह पूरा मामला शुरू कैसे हुआ?

यह विवाद तब बढ़ा जब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फेल हो गई। अमेरिका ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और रास्तों के लिए टोल मांगने पर यह फैसला लिया। अमेरिकी नौसेना ने समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (mines) को हटाने का काम भी शुरू कर दिया है ताकि व्यापार चलता रहे।

तारीख बड़ी घटना
11 अप्रैल 2026 अमेरिकी नौसेना ने बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू किया
12 अप्रैल 2026 राष्ट्रपति Trump ने तुरंत नाकेबंदी का आदेश दिया
13 अप्रैल 2026 ईरानी बंदरगाहों की पूरी नाकेबंदी लागू होगी