Oil Price Update: कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार, अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी बढ़ी, Strait of Hormuz में भारी पाबंदी
कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट आई है लेकिन यह अब भी 100 डॉलर के ऊपर बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकने और Strait of Hormuz में लगी पाबंदियों की वजह से बाज़ार में हलचल मची है। इस खींचतान का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है जिससे पूरी दुनिया में चिंता बढ़ गई है।
Strait of Hormuz में क्या हो रहा है और इसका असर क्या होगा?
ईरान की IRGC ने दो बड़े जहाजों, MSC Francesca और Epaminondas को जब्त कर लिया है और एक अन्य जहाज पर फायरिंग की है। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने अब तक 31 जहाजों को अपना रास्ता बदलने या पोर्ट पर लौटने का निर्देश दिया है। पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार समुद्र में बिछाई गई सुरंगों को हटाने में 6 महीने तक का समय लग सकता है जिससे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत क्यों रुकी?
राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्धविराम (ceasefire) की अवधि को आगे बढ़ा दिया है लेकिन अमेरिकी नौसेना की पाबंदी को जारी रखा है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका के दोहरे रवैये और वादों को पूरा न करने की आलोचना की है। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कहा है कि जब तक समुद्री पाबंदियां नहीं हटेंगी, तब तक Strait of Hormuz को खोलना नामुमकिन है।
तेल की बढ़ती कीमतों का आम लोगों पर क्या असर होगा?
जब कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के ऊपर रहती है, तो इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट और रोज़मर्रा के सामानों की कीमतों पर पड़ता है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अक्सर यात्रा करने वालों के लिए यह स्थिति महंगाई बढ़ा सकती है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस तनाव के कारण तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है जिससे वैश्विक बाज़ार में अस्थिरता बनी हुई है।