Oil Prices Update: कच्चे तेल के दाम पहुंचे 90 डॉलर के करीब, मिडिल ईस्ट में तनाव और सप्लाई रुकने से बढ़ी चिंता।

Sushma Kumari12 August 20262 min read72 viewsFinance
Oil Prices Update: कच्चे तेल के दाम पहुंचे 90 डॉलर के करीब, मिडिल ईस्ट में तनाव और सप्लाई रुकने से बढ़ी चिंता।

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और यह $90 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। 12 अगस्त 2026 को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली, जिससे पूरी दुनिया के बाजारों में हलचल मच गई है। इस तेजी के पीछे मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव और सप्लाई का संकट है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर लगातार संशय बना हुआ है और लाल सागर के पास समुद्री जहाजों पर हमले फिर से शुरू हो गए हैं, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं।

शिपिंग और सप्लाई पर बड़ा असर

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास एक छोटे कार्गो जहाज पर हमला कर दिया। इस हमले में कुछ लोगों के हताहत होने की खबर है, जिसके बाद बाजार में डर का माहौल और बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। संघर्ष शुरू होने से पहले इस रास्ते से रोजाना लगभग 120 जहाज निकलते थे, लेकिन सोमवार को केवल 8 जहाज ही यहां से गुजर सके। इस भारी गिरावट से साफ पता चलता है कि ग्लोबल ऑयल मार्केट में सप्लाई का जोखिम कितना ज्यादा बढ़ गया है।

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सरकारी अनुमान और अमेरिकी आंकड़े

अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के ताजा अनुमान के मुताबिक, साल 2026 की तीसरी तिमाही में ब्रेंट क्रूड ऑयल की औसत कीमत करीब $85 प्रति बैरल रहने की उम्मीद है। EIA ने साल 2026 के लिए अपने ब्रेंट क्रूड के अनुमान को बढ़ाकर $87 प्रति बैरल कर दिया है, जो पहले $82 था। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार आ रही रुकावटों का हवाला देते हुए अमेरिका में गैसोलीन के दाम का अनुमान भी बढ़ा दिया गया है। ऊर्जा अधिकारियों का मानना है कि सप्लाई से जुड़ी ये परेशानियां पूरे अगस्त महीने तक बनी रहेंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से मुआवजे की मांग की है, जिससे इस अहम जलमार्ग को लेकर विवाद और ज्यादा उलझ गया है, हालांकि उनका यह भी कहना है कि यह जलमार्ग खुला हुआ है।

बाजार विश्लेषकों की राय और आगे के हालात

आईजी (IG) के बाजार विश्लेषक टोनी साइकैमोर ने सुझाव दिया है कि जब तक जियोपॉलिटिकल तनाव पूरी तरह से हल नहीं हो जाता, तब तक तेल की कीमतें $75 से $95 के बीच ऊपर-नीचे होती रहेंगी। इसके साथ ही, अमेरिका में कमर्शियल क्रूड ऑयल का स्टॉक भी साल 2026 के अंत तक पांच साल के सबसे निचले स्तर से नीचे रहने की उम्मीद है। इस पूरी स्थिति की आधिकारिक जानकारी आप EIA Outlook पर जाकर देख सकते हैं। तेल की बढ़ती इन कीमतों का असर आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी और सफर पर भी पड़ सकता है क्योंकि ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और चीजें महंगी हो जाती हैं।

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