कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है जिससे पूरी दुनिया के बाज़ारों में हलचल है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में तरक्की होने से तेल की सप्लाई को लेकर डर खत्म हो गया है. अब बाज़ार में तेल की उपलब्धता बढ़ गई है और कीमतों पर दबाव दिख रहा है.

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता

22 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान को एक अस्थायी 60 दिन का लाइसेंस दिया है. इस फैसले के बाद अब ईरान 21 अगस्त तक अपना कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बेच सकेगा. अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कन्फर्म किया कि ईरान के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है और Strait of Hormuz पूरी तरह खुला है.

Strait of Hormuz से तेल की सप्लाई शुरू

दुनिया के लिए सबसे ज़रूरी तेल मार्ग Strait of Hormuz में अब जहाजों की आवाजाही सामान्य हो गई है. 17 जून 2026 को हुए समझौते के बाद यहाँ 60 दिनों के लिए टोल-फ्री रास्ता दिया गया है. खबर है कि सिर्फ 24 घंटे के अंदर करीब 2 करोड़ बैरल तेल यहाँ से निकला है, जिसमें तीन फंसे हुए टैंकर भी शामिल थे.

इन देशों ने बढ़ाई तेल की सप्लाई

  • Saudi Arabia: सऊदी अरामको ने अपने Ras Tanura टर्मिनल पर तेल लोडिंग दोबारा शुरू कर दी है, जो पिछले चार महीनों से बंद था.
  • Iran: अमेरिका की पाबंदी हटने के बाद ईरान ने फिर से तेल निर्यात शुरू कर दिया है.
  • Qatar: QatarEnergy ने जुलाई-अगस्त की लोडिंग के लिए अपने क्रूड तेल के टेंडर जारी किए हैं.
  • Iraq और Kuwait: इराक के SOMO और कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने भी बाज़ार में बड़ी मात्रा में तेल उपलब्ध कराया है.
  • UAE: अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) इस महीने तीन टेंडर के ज़रिए कम से कम 4.8 करोड़ बैरल तेल बेच रही है.

बाज़ार के ताज़ा आंकड़े

तेल की कीमतों में आई इस गिरावट से आम आदमी और इंडस्ट्री को राहत मिल सकती है. नीचे दिए गए टेबल में कीमतों का विवरण है:

विवरण कीमत/डेटा
Brent Crude (24 जून) $76.17 प्रति बैरल
US WTI Crude (24 जून) $72.36 प्रति बैरल
साप्ताहिक गिरावट करीब 7 प्रतिशत
ईरान को मिला लाइसेंस 60 दिन (21 अगस्त तक)
Hormuz से तेल फ्लो (24 घंटे) 20 मिलियन बैरल

विशेषज्ञों की राय

IndusInd Securities के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते और जहाजों की आवाजाही शुरू होने से तेल की कीमतें तेज़ी से गिरी हैं. वहीं, केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया का मानना है कि कीमतें $62 से $65 के बीच सपोर्ट पा सकती हैं और शायद $50 से नीचे न जाएं. Saxo Bank के ओले हैनसेन ने कहा कि अब बाज़ार में तेल की कमी के बजाय अधिकता की स्थिति बन रही है.