Global Oil Prices: ईरान पर अमेरिका के सख्त प्रतिबंधों की तैयारी से तेल की कीमतों में 1% से ज्यादा की गिरावट.

Sushma Kumari24 August 20262 min read44 viewsFinance
Global Oil Prices: ईरान पर अमेरिका के सख्त प्रतिबंधों की तैयारी से तेल की कीमतों में 1% से ज्यादा की गिरावट.

ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 24 अगस्त 2026 को कच्चे तेल के दाम 1% से अधिक नीचे आ गए। इसकी मुख्य वजह अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ एक नए और बेहद कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की तैयारी है। इस संभावित नीतिगत बदलाव से पहले ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन में बदलाव किया, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स और यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड दोनों की कीमतों में नरमी देखने को मिली।

अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला

यूएस ट्रेजरी സെക്രട്ടറി Scott Bessent ने आने वाले इन नए उपायों को आर्थिक 'डी-डे' करार दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह किसी भी दुश्मन देश के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय आक्रामक कदम होगा। अमेरिकी समय के मुताबिक आज दोपहर 1 बजे EDT यानी 1700 GMT या फिर दोपहर 2 बजे EDT यानी 1800 GMT पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इन सभी प्रतिबंधों की पूरी डिटेल सामने रखी जाएगी। ट्रंप प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ईरान को वैश्विक अर्थव्यवस्था से पूरी तरह से अलग करना है। राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही चेतावनी दी है कि जो भी देश तेहरान के साथ व्यापार जारी रखेगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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व्यापार और संपत्तियों पर कड़ा पहरा

इन विस्तृत प्रतिबंधों का असर कारोबार के लगभग हर सेक्टर पर पड़ने की पूरी उम्मीद है। इसमें राहत की बात सिर्फ इतनी है कि मानवीय वस्तुओं को इस सख्ती से पूरी तरह अलग रखा गया है और उन पर छूट दी जाएगी। इसके अलावा, ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरानी वित्तीय संपत्तियों का पता लगाने, उन्हें फ्रीज करने और जब्त करने के अपने प्रयासों को और ज्यादा तेज कर दिया है। इन संपत्तियों में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रखे गए फंड भी शामिल किए गए हैं। अमेरिकी सरकार की इस सख्ती से खाड़ी देशों समेत दुनियाभर के बाजारों में हलचल तेज हो गई है।

ईरान की प्रतिक्रिया और चेतावनी

अमेरिका के इन कदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के राष्ट्रपति Masud Pezeshkian ने माना है कि इस संघर्ष की वजह से आम समाज को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका देश इस दबाव को झेलने की पूरी क्षमता रखता है और उनका पूरा ध्यान महंगाई पर लगाम कसने पर है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका के इन नए प्रतिबंधों को एक ही फिल्म को बार-बार दिखाए जाने जैसा बताया। दूसरी तरफ, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि यह आर्थिक युद्ध जारी रहा, तो ईरान खाड़ी क्षेत्र से होने वाले सभी तेल निर्यात को पूरी तरह से रोक सकता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि किसी भी देश ने अमेरिकी प्रतिबंधों का समर्थन किया, तो उसे युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।

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