अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत का असर अब दुनिया भर के तेल बाजार पर दिखने लगा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा डिप्लोमेसी की बात करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। खाड़ी देशों के दखल के बाद अमेरिका ने ईरान पर होने वाले हमले को फिलहाल टाल दिया है जिससे बाजार में राहत दिखी है।

ट्रंप ने क्यों टाला ईरान पर हमला और क्या है उनकी शर्त?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 या 20 मई को ईरान पर होने वाले एक बड़े सैन्य हमले को टाल दिया। यह फैसला उन्होंने सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे खाड़ी देशों के अनुरोध पर लिया ताकि बातचीत के रास्ते खुले रहें। ट्रंप ने साफ कहा कि वह शांति और डिप्लोमेसी चाहते हैं लेकिन डील ऐसी होनी चाहिए जिससे अमेरिका का फायदा हो।

  • अमेरिका की मांग: ट्रंप चाहते हैं कि ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता और नौसेना की ताकत को खत्म करे।
  • परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए और वह इसके परमाणु कार्यक्रम को 20 साल के लिए रोकने के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं।
  • चेतावनी: ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो अगले दो या तीन दिनों में फिर से हमला हो सकता है।

ईरान का क्या रुख है और पाकिस्तान कैसे कर रहा है बीच-बचाव?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि बातचीत का मतलब सरेंडर करना नहीं है। ईरान अपनी गरिमा और अधिकारों के साथ ही किसी भी समझौते पर बात करेगा। वहीं ईरान के अन्य अधिकारियों ने अमेरिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है और कहा है कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री ने एक हफ्ते में दूसरी बार तेहरान का दौरा किया ताकि दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराया जा सके।

ईरान ने शांति के लिए अपनी शर्तें भी रखी हैं जिनमें शामिल हैं:

  • क्षेत्र से अमेरिकी सेना की पूरी तरह वापसी।
  • ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाना।
  • ईरान के फ्रीज किए गए फंड को वापस करना और युद्ध के नुकसान की भरपाई करना।

तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका के नए प्रतिबंध

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक तेल की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने दबाव बनाने के लिए 20 मई को ईरान के कई करेंसी एक्सचेंज हाउस, फ्रंट कंपनियों और 19 जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसे अमेरिका का ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ कैंपेन कहा जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक युद्ध का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता, तेल की कीमतें अस्थिर रह सकती हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

तेल की कीमतों में अचानक गिरावट क्यों आई?

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ डिप्लोमेसी की बात करने और खाड़ी देशों के अनुरोध पर सैन्य हमले को टालने की खबरों से बाजार में सकारात्मक माहौल बना जिससे कीमतें 5 प्रतिशत तक गिर गईं।

ईरान ने शांति समझौते के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने मांग की है कि अमेरिका अपनी सेना को क्षेत्र से हटाए, सभी आर्थिक प्रतिबंध खत्म करे और ईरान के जमा किए गए फंड को वापस लौटाए।