दुनिया भर के बाज़ारों में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज़ी आई है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता रुकने और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही कम होने से तेल के दाम दो हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच गए हैं। तेल की सप्लाई कम होने की आशंका से बाज़ार में हलचल बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में कितनी बढ़ोत्तरी हुई?
सोमवार को तेल की कीमतों में करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। Brent Crude तेल की कीमतें लगातार छठे दिन बढ़ी हैं, जो मार्च 2025 के बाद पहली बार हुआ है। कीमतों का पूरा विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| तेल का प्रकार | ताज़ा कीमत (प्रति बैरल) | कितनी बढ़ोत्तरी हुई | प्रतिशत वृद्धि |
|---|---|---|---|
| Brent Futures | US$108.23 | US$2.90 | 2.8% |
| WTI Crude | US$96.37 | US$1.97 | 2.1% |
दाम बढ़ने की वजह और UAE का क्या कहना है?
कीमतों में इस उछाल की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रुकना और Strait of Hormuz के रास्ते होने वाली शिपमेंट में कमी आना है। इस वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई कम हो गई है।
- UAE का स्टैंड: UAE सरकार ने साफ़ कहा है कि Strait of Hormuz का इस्तेमाल किसी हथियार की तरह नहीं किया जाना चाहिए।
- आधिकारिक बयान: UAE राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार Anwar Gargash ने ज़ोर दिया है कि इस विवाद का समाधान तभी होगा जब Strait of Hormuz से जहाजों का आवागमन बिना किसी रोक-टोक के चालू रहे।
- सुरक्षा की चिंता: UAE ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल और ड्रोन मुद्दों को हल नहीं किया गया, तो मध्य पूर्व का क्षेत्र और ज़्यादा अस्थिर हो जाएगा।
- अंतर्राष्ट्रीय नियम: UAE विदेश मंत्रालय ने ईरान से अपील की है कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का पालन करे और हमलों को तुरंत रोके।
क्या है मौजूदा स्थिति और मध्यस्थता की कोशिशें?
खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। ईरान ने Strait of Hormuz की नाकेबंदी खत्म करने का प्रस्ताव दिया था, बशर्ते अमेरिका भी अपनी पाबंदियां हटा ले। हालांकि, बातचीत में ठहराव आने के कारण बाज़ारों में डर का माहौल बना हुआ है और कीमतें बढ़ गई हैं। UAE इस पूरी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है और चाहता है कि ईरान बिना किसी शर्त के रास्ता खोले।