अमेरिका के ईरान पर नए प्रतिबंधों के बाद ग्लोबल बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में आया उछाल, निवेशकों की बढ़ी चिंता.

Aanya25 August 20263 min read52 viewsWorld
अमेरिका के ईरान पर नए प्रतिबंधों के बाद ग्लोबल बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में आया उछाल, निवेशकों की बढ़ी चिंता.

ग्लोबल बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से तेजी देखने को मिली। निवेशक अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए आर्थिक प्रतिबंधों के मार्केट पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रहे हैं। यह रिकवरी सोमवार, 24 अगस्त को आई उस गिरावट के बाद आई है, जिसमें कीमतों में 2% से ज्यादा की भारी कमी दर्ज की गई थी। कीमतों में यह शुरुआती गिरावट अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent द्वारा 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के ऐलान के बाद आई थी।

ईरान के किन सेक्टरों पर कसा गया शिकंजा

अमेरिकी प्रशासन का यह नया कदम ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माने जाने वाले पांच प्रमुख क्षेत्रों को सीधे तौर पर निशाना बनाता है। इसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी, हथियारों की टेक्नोलॉजी, सोने का भंडार, एयरलाइंस और तेल व हथियारों के परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले शिपिंग नेटवर्क शामिल हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के आधिकारिक बयान के अनुसार, अवैध खरीद और साइबर ऑपरेशन में शामिल 60 विशिष्ट संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों पर प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया गया है। इस बारे में अधिक जानकारी US Treasury Department Sanctions Programs पर देखी जा सकती है।

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अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने 24 अगस्त को यह स्पष्ट किया था कि आर्थिक दबाव बनाना उनकी मुख्य रणनीति है, हालांकि उन्होंने सैन्य बल के इस्तेमाल के विकल्प को पूरी तरह से खारिज नहीं किया। इसके अलावा, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott ने पुष्टि की कि अमेरिका ने ईरान की क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए इन संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।

तनाव के बीच ऊर्जा क्षेत्र पर मंडराता खतरा

दूसरी तरफ, क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ने की वजह से ऊर्जा क्षेत्र भारी दबाव का सामना कर रहा है। मंगलवार को ओमान के Ash Shishah से लगभग 9 नॉटिकल मील उत्तर पूर्व में एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल द्वारा एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा, 24 अगस्त को हूती बलों ने लाल सागर में एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करके एक सऊदी तेल टैंकर पर हमला कर दिया था।

इसी दौरान जारी किए गए आंकड़ों से पता चला कि पिछले हफ्ते अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व यानी Strategic Petroleum Reserve में क्रूड ऑयल का स्टॉक 3.7 मिलियन बैरल घटकर 289.7 मिलियन बैरल पर आ गया है, जो नवंबर 1982 के बाद से सबसे निचला स्तर है।

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय पाबंदियां

इन तमाम नए उपायों के सामने आने के बाद भी ईरानी अधिकारियों का रुख काफी सख्त बना हुआ है। ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री Ali Madanizadeh ने कहा कि उनका देश इन प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है और उन्हें अपने व्यापारिक साझीदारों पर पूरा भरोसा है। वहीं, संसद के स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने अमेरिकी घोषणा को केवल बड़ी-बड़ी बातें करार देते हुए खारिज कर दिया।

ये सारी घटनाएं 23 अगस्त को ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण यानी Persian Gulf Strait Authority द्वारा उठाए गए कदम के बाद सामने आई हैं। प्राधिकरण ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नियमों के कथित उल्लंघन के लिए 45 टैंकरों को ब्लैकलिस्ट कर दिया था, जिससे जहाजों के सामान को जब्त किए जाने का खतरा भी पैदा हो गया है।

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