Oil Price Update: ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़े तेल के दाम, 4% की उछाल, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से मची खलबली

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम (ceasefire) को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में 4% की बढ़त देखी गई। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी और ईरान की सख्त प्रतिक्रिया ने दुनिया भर के बाजारों को डरा दिया है। इस तनाव का सीधा असर आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ सकता है।

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तेल की कीमतें क्यों बढ़ीं और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का क्या मामला है?

ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका उसकी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म नहीं करता, तब तक वह हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को नहीं खोलेगा। 22 अप्रैल को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने तीन जहाजों पर हमला किया और दो को जब्त कर लिया। अमेरिका ने अपनी नौसेना की नाकाबंदी जारी रखी है। ईरान इसे युद्ध की कार्रवाई मान रहा है, इसी खींचतान की वजह से तेल की कीमतों में अचानक उछाल आया है।

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का क्या अपडेट है?

पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल को दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम शुरू हुआ था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 22 अप्रैल को इसे अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया ताकि ईरान शांति प्रस्ताव दे सके। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे धमकी के साये में बातचीत नहीं करेंगे। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि आर्थिक दबाव वाला ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ जारी रहेगा और ईरान के प्रस्ताव के लिए कोई तय समय सीमा नहीं है।

इस विवाद में पाकिस्तान की क्या भूमिका है और अन्य देशों का क्या हाल है?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने इस ceasefire को कराने और इसे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस्लामाबाद में बातचीत के लिए इंतजाम किए गए थे, लेकिन ईरान की अनिच्छा और अमेरिकी रुख के कारण अभी सब अनिश्चित है। इसी बीच, दक्षिण लेबनान में इजराइल के हमलों के बाद वहां भी तनाव बढ़ा हुआ है और लेबनान अपने युद्धविराम को एक महीने और बढ़ाने की मांग कर सकता है।