कच्चे तेल के बाज़ार में गुरुवार, 28 मई 2026 को भारी हलचल देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों के दामों में 3 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अचानक आई तेजी के पीछे अमेरिका द्वारा ईरानी सैन्य ठिकाने पर किए गए ताज़ा हमले और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव बताया जा रहा है। हाल ही में यूएई के परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है जिससे निवेशक और आम लोग दोनों ही चिंतित हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ी के मुख्य आंकड़े

गुरुवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया। इससे पहले दोनों बेंचमार्क पिछले सत्र में गिरकर एक महीने के निचले स्तर पर आ गए थे। वर्तमान कीमतों की पूरी जानकारी नीचे दी गई तालिका में दी गई है:

तेल का प्रकार / घटना बदलाव / कीमत प्रतिशत वृद्धि
ब्रेंट क्रूड वायदा (Brent Crude Futures) $97.8 प्रति बैरल 3.72%
अगस्त अनुबंध (August Contract) $95.6 प्रति बैरल 3.63%
यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) $91.99 प्रति बैरल 3.73%

भू-राजनीतिक तनाव और अन्य प्रमुख कारण

तेल बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी का सीधा संबंध भू-राजनीतिक तनाव से है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी सैन्य ठिकाने पर हमले के अलावा, हाल ही में 17-18 मई 2026 को यूएई के बराकहा परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Barakah Nuclear Power Plant) पर एक ड्रोन हमला हुआ था। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई रेडिएशन लीक हुआ, लेकिन इसने वैश्विक तेल बाजार में सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ा दी है।

इसके साथ ही, यूएई 1 मई 2026 से पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) से पूरी तरह बाहर हो चुका है। यूएई ने अपनी उत्पादन क्षमता और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया था। यूएई के विदेश राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार ने 15 मई 2026 को ब्रिक्स बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा पर चिंता जताई थी और देश की संप्रभुता की रक्षा करने की बात कही थी। इन सभी घटनाक्रमों ने मिलकर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी आने का क्या कारण है?

इसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा ईरानी सैन्य ठिकाने पर किया गया हमला और मध्य पूर्व में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव है। इसके अलावा यूएई के बराकहा परमाणु संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले ने भी बाजार में अनिश्चितता पैदा की है।

यूएई का ओपेक (OPEC) से बाहर होने का फैसला कब से लागू हुआ है?

यूएई का ओपेक से बाहर होने का ऐतिहासिक फैसला 1 मई 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसकी घोषणा अप्रैल 2026 के अंत में सरकारी समाचार एजेंसी वैम (WAM) द्वारा की गई थी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com