दुनिया भर में तेल की कीमतों ने चार हफ़्ते का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 14 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम तेज़ी से बढ़े, क्योंकि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी यानी नेवल ब्लॉकेड फिर से लागू कर दिया है। इसके चलते Brent crude की कीमत $85 प्रति बैरल से ऊपर निकल गई है, जबकि WTI crude का भाव $78 के पार पहुँच गया है।
समुद्री नाकेबंदी का असर
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने यह आदेश दिया है कि ईरान से आने वाले या ईरान जाने वाले किसी भी जहाज को ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। हालांकि, अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि अन्य देशों के लिए Strait of Hormuz खुला रहेगा, लेकिन साथ ही उन्होंने वहां से गुजरने वाले जहाजों पर 20% का शिपिंग शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस फैसले का संयुक्त राष्ट्र (UN) ने विरोध किया है।
सुरक्षा और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी सैन्य मुख्यालय CENTCOM ने चेतावनी दी है कि नियम न मानने वाले जहाजों को रोका जाएगा या उन्हें जब्त किया जा सकता है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस शुल्क को अनुचित बताते हुए कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में ईरान की हमेशा से अहम भूमिका रही है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच क्षेत्र में सैन्य हलचल बढ़ गई है, जिसमें अमेरिकी हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई की खबरें भी शामिल हैं। सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों द्वारा मिसाइल हमले ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा कर दिया है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए चिंता बढ़ गई है।
