अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। 13 जुलाई 2026 को ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका द्वारा लगातार हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा कर दी है।
तेल आपूर्ति और सुरक्षा पर संकट
इस तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की संख्या पिछले पांच हफ्तों के निचले स्तर पर आ गई है। एक अमेरिकी अधिकारी ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में केवल 20 कमर्शियल जहाज अमेरिकी सेना के समन्वय में वहां से निकल पाए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने स्पष्ट किया कि अब अमेरिका होर्मुज मार्ग के लिए मुफ्त सुरक्षा प्रदान नहीं करेगा और इसके लिए उन्हें मुआवजे की उम्मीद है। दूसरी ओर, सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan Al Saud और मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने और समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
ओपेक (OPEC) की रिपोर्ट और वैश्विक बाजार
ओपेक ने अपनी जुलाई 2026 की मासिक रिपोर्ट में दुनिया भर में तेल की मांग बढ़ने के अनुमान को घटाकर 780,000 बैरल प्रति दिन (bpd) कर दिया है। हालांकि, 2027 के लिए मांग का अनुमान बढ़ाया गया है। जून में OPEC+ का कच्चे तेल का उत्पादन 36.28 मिलियन bpd रहा, जो मई की तुलना में लगभग 3 मिलियन bpd अधिक है।
यमन में सैन्य गतिविधियों का असर
यमन में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। हुथी प्रवक्ता ने सऊदी अरब पर आरोप लगाया कि उन्होंने शांति वार्ता खत्म कर दी है और सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया है। वहीं, यमन की मान्यता प्राप्त सरकार ने कहा कि उन्होंने एयरपोर्ट के रनवे पर हमला किया था ताकि ईरान के प्रतिनिधिमंडल का विमान वहां न उतर सके।
