खाड़ी देशों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस तनाव की वजह से तेल की कीमतों में बड़ी उछाल देखी गई है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर भी खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की जा रही है।

तनाव का असर और मौजूदा स्थिति

अमेरिकी सेना ने Qeshm Island, Bandar Abbas, Bushehr और Ahvaz के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में 7 लोगों की मौत हुई है। वहीं, ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले का दावा किया है। कुवैत और कतर में भी इन हमलों के निशान देखे गए हैं, जहां एक बच्चा भी घायल हुआ है।

शिपिंग रूट पर खतरा

ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों को लाल सागर के रास्ते को बंद करने के लिए तैयार रहने को कहा है। हूती विद्रोही बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर हमले की तैयारी पूरी कर चुके हैं। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहां अमेरिकी नौसेना ने सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ा दी है।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

इस अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है। कच्चे तेल के दामों में बढ़ोत्तरी के आंकड़े नीचे दिए गए हैं:

क्रूड ऑयल बढ़ोत्तरी कीमत
Brent Crude 1.25% $85.28 प्रति बैरल
WTI Futures 1.3% $79.98 प्रति बैरल

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उनका मुख्य लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और खुला रखना है, जबकि ईरान ने इसे अपनी सीमा माना है। फिलहाल इन इलाकों में आवाजाही काफी प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.