मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और शिपिंग रूट पर बढ़ते खतरों के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। 23 जुलाई 2026 को ब्रेंट क्रूड की कीमतें दो महीने में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। यह स्थिति तब बनी जब लाल सागर और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले और ब्लॉकेड की खबरें सामने आईं।
तनाव और सुरक्षा को लेकर बढ़ा खतरा
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमले का दावा किया है और वहां नौसेना द्वारा नाकेबंदी की घोषणा कर दी है। दूसरी तरफ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी कड़े शब्दों में सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है और हूती विद्रोहियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही है।
प्रवासियों की जीवनशैली पर असर
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही अस्थिरता का असर खाड़ी देशों में रह रहे 3.5 करोड़ से ज्यादा प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। पहले भी ऐसी स्थितियों के कारण कई लोगों की नौकरी जाने की खबरें आई हैं। US State Department ने अपने नागरिकों को फ्लाइट कैंसिलेशन के लिए तैयार रहने को कहा है और पहले ही सऊदी अरब से गैर-जरूरी कर्मचारियों को निकलने का आदेश दिया जा चुका है। इसके अलावा सऊदी गृह मंत्रालय ने वीजा नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रवासियों को सख्त चेतावनी दी है और पकड़े जाने पर भारी जुर्माने की बात कही है।
