दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को अचानक बड़ी तेजी देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान जारी रहेगा, जिससे आने वाले समय में तेल की सप्लाई रुकने की चिंता बढ़ गई है। इस बयान के तुरंत बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें 7 प्रतिशत से ज्यादा उछल गईं। यह बढ़ोत्तरी पिछले तीन हफ्तों में एक दिन के भीतर होने वाली सबसे बड़ी तेजी के रूप में देखी जा रही है।

कच्चे तेल की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?

बाजार के आंकड़ों के अनुसार तेल की कीमतों में भारी बदलाव देखने को मिला है। राष्ट्रपति के बयान के बाद ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी बेंचमार्क में अच्छी खासी बढ़त दर्ज की गई है। इसके मुख्य आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:

तेल का प्रकार नई कीमत (प्रति बैरल) कुल बढ़त ($) बढ़त प्रतिशत
Brent crude $108.81 $7.65 7.6%
WTI (US) $107.18 $7.06 7.1%

ट्रंप ने स्वीकार किया है कि तेल की कीमतों में यह उछाल आया है, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि संघर्ष खत्म होने के बाद कीमतें वापस नीचे आएंगी। उन्होंने तेल की बढ़ती कीमतों के लिए ईरान के हमलों को जिम्मेदार ठहराया है।

Operation Epic Fury और ट्रंप का आधिकारिक बयान क्या है?

व्हाइट हाउस ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत ईरान की सैन्य क्षमता को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर हमले और भी तेज किए जाएंगे। ट्रंप के अनुसार अमेरिका का लक्ष्य ईरान के मिसाइल भंडार और नौसेना को पूरी तरह से नष्ट करना है ताकि वह भविष्य में खतरा न बन सके। राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका बहुत जल्द अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लेगा।

इस बीच, ईरान की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे और भी विनाशकारी हमले करेंगे। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते तेल टैंकरों की आवाजाही रोकने की भी धमकी दी है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। फ्रांस जैसे देशों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ऐसी कोई भी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन होगी।