अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण 23 जुलाई 2026 को वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें पिछले 6 हफ्तों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। यह स्थिति दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण सैन्य गतिविधियों के बाद पैदा हुई है, जिससे दुनिया भर में तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। जून 2026 में बातचीत का एक शुरुआती दौर विफल होने के बाद से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।

तनाव का असर और मौजूदा स्थिति

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने धमकी दी है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कोई भी हमला हुआ, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट या पुल को निशाना बनाएगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि पिछले 12 दिनों से उनके द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं ताकि उनके ड्रोन और मिसाइल स्टोरेज को कमजोर किया जा सके। जवाब में ईरान के Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा है कि अगर उन्हें तेल बेचने से रोका गया, तो कोई भी तेल नहीं बेच पाएगा।

क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिकों पर संकट

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हॉर्मुज के पास 3 तेल टैंकरों को रोकने का दावा किया है और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की बात कही है। इसके अलावा, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के 2 तेल टैंकरों पर हमला करने की सूचना दी है। इस टकराव में अब तक कई सैनिक और नागरिक मारे गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व में मौजूद अपने नागरिकों के लिए विश्वव्यापी सतर्कता अलर्ट जारी किया है। कुवैत ने भी अपने क्षेत्र में आए संदिग्ध ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया है, जिससे खाड़ी देशों में सुरक्षा का माहौल काफी गंभीर बना हुआ है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.