Oman के अल दखिलिया इलाके में जल्द ही एक नया ऑटिज्म सेंटर बनाया जाएगा. यह कदम सुल्तान हैथम बिन तारिक के निर्देशों के बाद उठाया गया है ताकि ऑटिज्म से पीड़ित लोगों को सही इलाज और सहारा मिल सके. इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 7 मिलियन ओमानी रियाल का बजट तय किया है.

नए ऑटिज्म सेंटर में क्या सुविधाएँ मिलेंगी?

इस सेंटर का मुख्य मकसद ऑटिज्म से पीड़ित लोगों की जल्द पहचान करना और उनका पुनर्वास करना होगा. यहाँ बच्चों को पढ़ाई और ट्रेनिंग के लिए खास सपोर्ट दिया जाएगा. साथ ही, लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने और रिसर्च करने पर भी जोर दिया जाएगा.

सेंटर में कई तरह की थेरेपी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • बिहेवियरल थेरेपी
  • ऑक्यूपेशनल थेरेपी
  • स्पीच थेरेपी
  • वोकेशनल रिहैबिलिटेशन
  • परिवारों और प्रोफेशनल्स के लिए स्पेशल ट्रेनिंग

इस प्रोजेक्ट में कौन-कौन से विभाग शामिल हैं?

यह पूरा प्रोजेक्ट मिनिस्ट्री ऑफ सोशल डेवलपमेंट की देखरेख में होगा, जो नेशनल ऑटिज्म सेंटर को चलाता है. इसके अलावा, हेल्थ मिनिस्ट्री रिहैबिलिटेशन थेरेपी के लिए और एजुकेशन मिनिस्ट्री स्पेशल एजुकेशन टीचरों की ट्रेनिंग के लिए साथ मिलकर काम करेंगे.

नेशनल ऑटिज्म सेंटर की डायरेक्टर डॉ. नादिया बिंत अली अल-अजमिया ने कहा कि यह सेंटर ऑटिज्म से पीड़ित लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगा. वहीं ओमान ऑटिज्म एसोसिएशन की चेयरपर्सन डॉ. आलिया बिंत सलीम अल-घबशिया ने भी इस शाही पहल का स्वागत किया है.

अल दखिलिया में पहले से क्या व्यवस्था है?

अल दखिलिया क्षेत्र में पहले से ही कुछ सुविधाएँ मौजूद हैं. निज़वा और बहला में अल वफ़ा रिहैबिलिटेशन सेंटर्स चल रहे हैं, जहाँ दिव्यांग लोगों और ऑटिज्म से पीड़ित छात्रों को सेवाएँ दी जाती हैं.

इसके अलावा, नेशनल ऑटिज्म सेंटर पहले से ही परिवारों और शिक्षकों के लिए Applied Behaviour Analysis (ABA) जैसे प्रोग्राम चला रहा है, ताकि वे ऑटिज्म से पीड़ित लोगों की बेहतर देखभाल कर सकें.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com