ओमान में पारंपरिक मछुआरों की जिंदगी अब और बेहतर होने वाली है। सरकार उन्हें नेशनल सोशल प्रोटेक्शन सिस्टम से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसका मतलब है कि अब हजारों मछुआरों को रिटायरमेंट और बीमा जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा और इस पुराने पेशे को बढ़ावा मिलेगा।
मछुआरों को क्या फायदे मिलेंगे?
ओमान के कानून निर्माताओं और इंडस्ट्री के जानकारों ने मांग की है कि छोटे पैमाने पर मछली पकड़ने वाले लोगों को रिटायरमेंट और इंश्योरेंस का कवर दिया जाए। इसके लिए Ministry of Agriculture, Fisheries and Water Resources और Ministry of Labour के बीच बातचीत चल रही है। सोशल प्रोटेक्शन फंड के साथ मिलकर एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार किया गया है जिससे फुल-टाइम मछुआरों को सही आर्थिक मदद और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
नए नियम और जरूरी तारीखें क्या हैं?
मछली पकड़ने के काम को लेकर कुछ नए नियम और समय सीमा तय की गई है:
- 13 अप्रैल 2026: लिविंग एक्वाटिक रिसोर्सेज कानून के नए कार्यकारी नियम लागू हुए।
- 12 अप्रैल 2027: संबंधित संस्थाओं को अपनी स्थिति ठीक करने के लिए एक साल का समय दिया गया है।
- 5 अप्रैल 2026: सोशल प्रोटेक्शन फंड ने लापता बीमाधारकों और पेंशनभोगियों के लिए नए नियम (Decision No. C/4/2026) जारी किए।
- मज्लिस अल-शूरा के सदस्यों ने सुझाव दिया है कि पारंपरिक नावों के लिए कमर्शियल रजिस्ट्रेशन की जरूरत को खत्म किया जाए ताकि मछुआरों पर कागजी बोझ कम हो।
सरकारी आंकड़े और विशेषज्ञों की राय
मंत्री डॉ. सौद बिन हमूद अल हबसी ने बताया कि ओमान में लगभग 60,000 मछुआरे हैं, जिनमें पारंपरिक और मनोरंजन के लिए मछली पकड़ने वाले लोग शामिल हैं। वहीं, मज्लिस अल-शूरा के सदस्य जुमा अल वहैबी ने कहा कि मछुआरे करीब 12 सेक्टरों में आर्थिक गतिविधि का 5% हिस्सा संभालते हैं। ओमान फिशरमेन एसोसिएशन के चेयरमैन अहमद अब्दुल्ला अल बलूशी के मुताबिक, पिछले चार सालों से इस दिशा में काफी काम हुआ है ताकि मछुआरों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ओमान में कितने मछुआरों को इस योजना का लाभ मिल सकता है?
मंत्री डॉ. सौद बिन हमूद अल हबसी के अनुसार, ओमान में लगभग 60,000 मछुआरे हैं, जिनमें पारंपरिक और मनोरंजन के लिए मछली पकड़ने वाले लोग शामिल हैं।
नए नियमों के तहत मछुआरों के लिए क्या समय सीमा तय की गई है?
लिविंग एक्वाटिक रिसोर्सेज कानून के नए नियम 13 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं और संस्थाओं को अपना रजिस्ट्रेशन सही करने के लिए 12 अप्रैल 2027 तक का समय दिया गया है।
