ओमान के सोहार तट से 30 समुद्री मील दूर अमेरिकी सेना के हमले में फंसे 21 भारतीय नाविक अब सुरक्षित अपने घर लौट रहे हैं. इस हादसे में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी, जिसके बाद भारत सरकार ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है.

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क्या था पूरा मामला

9 या 10 जून 2026 को Palau के झंडे वाले जहाज MT Settebello पर अमेरिकी सेना ने हमला किया था. 11 जून को भारत ने इस बात की पुष्टि की कि इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई. अब 16 जून को बचे हुए 21 नाविकों को सुरक्षित वापस भारत भेजा जा रहा है. प्रस्थान से पहले भारतीय राजदूत ने इन नाविकों से मुलाकात की और उनके साहस की तारीफ की.

अमेरिकी सेना का दावा

US Central Command (CENTCOM) ने कहा कि उन्होंने जहाज को इसलिए रोका क्योंकि वह अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन कर ईरानी तेल ले जा रहा था. अमेरिकी सेना का कहना है कि उन्होंने करीब 60 बार चेतावनी दी और हवाई प्रदर्शन भी किया. उनके मुताबिक, इंजन रूम से बाहर निकलने के लिए चालक दल को 15 मिनट का समय दिया गया था, जिसके बाद सटीक मिसाइलें दागी गईं.

भारत सरकार का कड़ा रुख

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. भारत ने इसे बेहद चिंताजनक बताया और कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह का हमला बिल्कुल भी जायज नहीं है. शिपिंग मंत्री Sarbananda Sonowal ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचे हुए लोगों को जल्द से जल्द घर पहुँचाया जाए और मृतकों के पार्थिव शरीर वापस लाए जाएँ.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

International Maritime Organization (IMO) के महासचिव Arsenio Dominguez ने भी इस हमले की निंदा की और एक पारदर्शी जांच की मांग की. वहीं, जहाज चलाने वाली कंपनी IOS Marine FZE ने अमेरिकी सेना के दावों को गलत बताया और कहा कि अमेरिकी नौसेना की वजह से ही तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई.

इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में ओमान के अधिकारियों और Oman Maritime Security Centre ने भारत की मदद की.