ओमान के लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए एक जरूरी खबर है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी बिना लाइसेंस वाला दफ्तर कानूनी सलाह नहीं दे सकेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी. यह कदम लोगों को गलत सलाह और धोखाधड़ी से बचाने के लिए उठाया गया है.

किन दफ्तरों पर लगा बैन और क्या काम नहीं कर सकेंगे

MoCIIP ने देखा कि कई लाइब्रेरी, फोटोकॉपी की दुकानें, सनाद सर्विस सेंटर और ट्रांजैक्शन फॉलो-अप ऑफिस कानूनी काम कर रहे थे. अब ये लोग कोर्ट के लिए केस तैयार करना, कानूनी सलाह देना और कॉन्ट्रैक्ट बनाना जैसे काम नहीं कर पाएंगे. कंपनी खोलने की प्रक्रिया में मदद करना भी अब इन बिना लाइसेंस वाले दफ्तरों के लिए मना है. सरकार ने इन सभी संस्थाओं को तुरंत ये काम बंद करने की चेतावनी दी है.

नया नियम क्या है और कौन दे सकेगा सलाह

यह सब Royal Decree No. 41/2024 के तहत किया गया है, जो दिसंबर 2024 में आया था. अब केवल वही लोग कानूनी सलाह दे सकते हैं जिन्हें Ministry of Justice and Legal Affairs (MJLA) से लाइसेंस मिला हो. ओमान के नागरिक वकील बनकर कोर्ट जा सकते हैं, जबकि ओमान और विदेशी वकील केवल कानूनी सलाह और कागजी काम देख सकते हैं. गैर-वकीलों के लिए अब MJLA के पास रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा.

विवरण जानकारी
कानून का नाम Royal Decree No. 41/2024
लागू करने वाली संस्था MoCIIP
लाइसेंस देने वाली संस्था Ministry of Justice and Legal Affairs (MJLA)
बैन किए गए दफ्तर लाइब्रेरी, कॉपी सेंटर, सनाद सेंटर और ट्रांजैक्शन ऑफिस
बैन सेवाएं कानूनी सलाह, कॉन्ट्रैक्ट ड्राफ्टिंग और कंपनी रजिस्ट्रेशन
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.