ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने मध्य पूर्व में बढ़ती अस्थिरता और तनाव के लिए सीधे तौर पर इसराइल की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। 17 जुलाई 2026 को आधिकारिक तौर पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जारी संकट का मुख्य कारण इसराइल का नेतृत्व है, न कि केवल ईरान का प्रभाव। ओमान ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति तभी लौट सकती है जब इसराइल फिलिस्तीन पर अपना अवैध कब्जा पूरी तरह खत्म करे।
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इसराइल को सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील
विदेश मंत्री ने इसराइल से Gaza, West Bank और Lebanon में जारी सैन्य अभियानों को तत्काल रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर फिलिस्तीन में इसराइल के कब्जे को समाप्त करने और एक संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए काम करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों की आलोचना करते हुए कहा कि बिना शर्त इसराइल का बचाव करना और फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने में देरी करना गलत है।
लगातार जताया है विरोध
ओमान ने पहले भी इसराइल की नीतियों पर कड़ा रुख अपनाया है। 19 मार्च 2026 को ओमान के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया था कि इसराइल अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध में शामिल करने की कोशिश कर रहा है, जिसे उन्होंने एक बड़ी भूल बताया था। ओमान ने ‘ग्रेटर इसराइल’ से संबंधित बयानों को भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना है। ओमान लगातार यह दोहरा रहा है कि क्षेत्र में असली शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना जरूरी है।
