ओमान की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने फ्लाइट में होने वाली देरी और कैंसलेशन को लेकर यात्रियों के अधिकारों पर एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। यह जानकारी उन सभी लोगों के लिए बहुत काम की है जो अक्सर सफर करते हैं या ओमान में रह रहे भारतीय हैं। इसमें साफ बताया गया है कि किन हालातों में एयरलाइन्स आपको मुआवज़ा देंगी और किन वजहों से वे पैसा देने से बच सकती हैं।

किन हालातों में नहीं मिलेगा मुआवज़ा?

CAA ने साफ किया है कि अगर फ्लाइट की देरी या कैंसलेशन एयरलाइन के कंट्रोल से बाहर की वजहों से हुआ है, तो यात्री वित्तीय मुआवज़े के हकदार नहीं होंगे। इसे ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) कहा जाता है। इसमें निम्नलिखित कारण शामिल हैं:

  • ईंधन (Fuel) की कमी या उसकी सप्लाई में दिक्कत आना।
  • युद्ध, सुरक्षा संबंधी घटनाएं या कोई गैरकानूनी हस्तक्षेप।
  • एयरपोर्ट या हवाई क्षेत्र (Airspace) का बंद हो जाना।
  • पक्षियों का विमान से टकराना (Bird strikes)।
  • एयरलाइन के सीधे नियंत्रण से बाहर की हड़तालें।
  • ऐसी तकनीकी खराबी या मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट जो एयरलाइन के काबू में न हो।
  • खराब मौसम या प्राकृतिक आपदाएं जिससे उड़ान की सुरक्षा खतरे में हो।

फ्लाइट देरी होने पर एयरलाइन क्या सुविधा देगी?

भले ही किसी मजबूरी के कारण आपको कैश मुआवज़ा न मिले, लेकिन एयरलाइन की जिम्मेदारी है कि वह यात्रियों की देखभाल करे। नियमों के मुताबिक एयरलाइन को ये सुविधाएं देनी होंगी:

  • 2 घंटे की देरी: यात्रियों को रिफ्रेशमेंट और ड्रिंक्स दिए जाएंगे।
  • 3 घंटे की देरी: मूल प्रस्थान समय से 3 घंटे ऊपर होने पर उचित भोजन (Meal) देना होगा।
  • 6 घंटे की देरी: यदि देरी 6 घंटे से ज्यादा होती है, तो ठहरने के लिए होटल और एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए ट्रांसपोर्ट देना होगा।

इसके अलावा, इंटरनेशनल फ्लाइट कैंसिल होने या देरी होने की सूचना यात्रियों को 14 दिन पहले देनी होगी। यात्री के पास यह विकल्प होगा कि वह या तो दूसरी फ्लाइट चुने या फिर अपने टिकट के बचे हुए हिस्से का पैसा वापस (Refund) ले ले।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या हर फ्लाइट देरी पर पैसा मिलता है?

नहीं, अगर देरी खराब मौसम, सुरक्षा कारणों या एयरपोर्ट बंद होने जैसी वजहों से हुई है, तो एयरलाइन मुआवज़ा देने के लिए बाध्य नहीं है।

फ्लाइट 6 घंटे लेट हुई तो एयरलाइन की क्या जिम्मेदारी है?

ऐसी स्थिति में एयरलाइन को यात्री को खाने-पीने के साथ-साथ ठहरने के लिए होटल और एयरपोर्ट तक ट्रांसपोर्ट की सुविधा देनी होगी।