ओमान में कृषि, मत्स्य पालन और जल संसाधन मंत्रालय के तहत आने वाले खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता केंद्र (FSQC) ने 2 मार्च 2026 को एक नई राष्ट्रव्यापी मुहिम शुरू की है। इस पहल के जरिए ओमान के सभी कैफे और कॉफी शॉप में परोसे जाने वाले पेय पदार्थों में चीनी की मात्रा घटाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश में बढ़ रहे डायबिटीज और मोटापे के मामलों को रोकना और लोगों को एक स्वस्थ जीवनशैली की ओर ले जाना है।

कैफे मालिकों के लिए नए नियम और पंजीकरण की जानकारी

कैफे और कॉफी शॉप चलाने वाले लोग इस मुहिम का हिस्सा बनकर अपनी दुकान को सरकारी मान्यता दिला सकते हैं। इस पहल की कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:

  • स्वैच्छिक पंजीकरण: कैफे मालिक FSQC की आधिकारिक वेबसाइट या फोन नंबर 98588667 पर संपर्क करके इसमें शामिल हो सकते हैं।
  • हेल्थ-फ्रेंडली स्टेटस: जो कैफे चीनी कम करेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से हेल्थ-फ्रेंडली कैफे की लिस्ट में शामिल किया जाएगा जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा।
  • क्रमिक बदलाव: चीनी की मात्रा को धीरे-धीरे कम किया जाएगा ताकि ग्राहकों के स्वाद पर एकदम से असर न पड़े और बिक्री पर प्रभाव न हो।
  • लागत में कमी: चीनी की खरीद कम होने से दुकानदारों की परिचालन लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।

टैक्स नियम और सेहत पर असर

ओमान में पहले से ही मीठे और सोडा ड्रिंक्स पर 50 प्रतिशत एक्साइज टैक्स लागू है। इसके अलावा 1 जनवरी 2026 से डिजिटल टैक्स स्टैम्प सिस्टम भी अनिवार्य हो चुका है। यह नई पहल इन नियमों के साथ मिलकर काम करेगी।

नियम का नाम असर और विवरण
एक्साइज टैक्स मीठे पेय पदार्थों पर 50% टैक्स लागू है
डिजिटल टैक्स स्टैम्प 1 जनवरी 2026 से सभी उत्पादों पर अनिवार्य
रमजान अभियान मस्कट नगर पालिका ने निरीक्षण तेज किया

यह पहल विशेष रूप से खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन्हें बाहर खाना खाते समय स्वस्थ विकल्प मिलेंगे। खाद्य सुरक्षा केंद्र के अनुसार यह कदम ओमान विजन 2040 के स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप है। रमजान के महीने को देखते हुए मस्कट नगर पालिका ने भी खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जांच तेज कर दी है।