बहरीन की राजधानी मनामा में ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। यह बैठक 10 जून 2026 को तीसरे GCC-Canada संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक के इतर आयोजित की गई थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आम सहमति बनी है।
ओमान और कनाडा के बीच बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने कई अहम आर्थिक और सुरक्षा संबंधी विषयों पर विस्तार से बातचीत की। चर्चा के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- आर्थिक और वैज्ञानिक साझेदारी: दोनों देशों ने आर्थिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में आपसी साझेदारी और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
- निवेश और पर्यटन: ओमान और कनाडा में निवेश के नए अवसरों और पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर ध्यान दिया गया।
- सप्लाई चेन और समुद्री सुरक्षा: मंत्रियों ने सुरक्षित समुद्री रास्तों और सप्लाई चेन को बिना किसी रुकावट के चालू रखने पर जोर दिया ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
- क्षेत्रीय शांति: दोनों देशों ने क्षेत्र में जारी तनाव को कम करने और कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने की बात कही।
पुरानी मुलाकातों और समझौतों का क्या रहा असर?
यह बैठक दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे द्विपक्षीय संबंधों का हिस्सा है। इससे पहले 13 मई 2026 को मस्कट में हुई बैठक के दौरान दोनों देशों ने राजनीतिक परामर्श पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। इसके अतिरिक्त दोनों मंत्रियों ने सितंबर 2025 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भी मुलाकात की थी। बहरीन में हुई इस ताज़ा बैठक में पिछले समझौतों की प्रगति की भी समीक्षा की गई है। ओमान ने अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ओमान और कनाडा के मंत्रियों के बीच यह बैठक कब और कहाँ आयोजित की गई?
यह बैठक 10 जून 2026 को बहरीन के मनामा शहर में आयोजित तीसरे जीसीसी-कनाडा संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक के इतर हुई थी।
बैठक में सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को लेकर क्या निर्णय लिया गया?
बैठक में निवेश, पर्यटन और वैज्ञानिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षित समुद्री नेविगेशन और सप्लाई चेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने पर सहमति बनी।
