Oman Coast: ओमान के समंदर में बड़ा तेल रिसाव, प्रतिबंधों से घिरे जहाज से फैला कचरा, पर्यावरण पर मंडराया संकट.

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन IMO ने 12 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी कि फंसे हुए जहाज Caroline P. से तेल का रिसाव तेजी से फैल रहा है और इसके ओमान के मुख्य तट तक पहुंचने की पूरी आशंका है। ओमान के दक्षिण में स्थित Dhofar गवर्नररैट के पास Hallaniyat Islands के समुद्री क्षेत्र में जब से यह रिसाव शुरू हुआ, तब से देश की सरकार इसे रोकने के लिए लगातार काम कर रही है। इस घटना के बाद पर्यावरण और सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर आपातकालीन योजनाएं सक्रिय कर दी गई हैं ताकि इस बढ़ते खतरे को समय रहते संभाला जा सके और नुकसान को कम किया जा सके।
ओमान सरकार और अधिकारियों की कार्रवाई
ओमान सरकार के पर्यावरण प्राधिकरण और परिवहन, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस मामले पर तुरंत एक्शन लिया है। समुद्री मामलों के प्रमुख Mohammed Abdullah al-Rawahi ने बताया कि इस समय उनकी सबसे पहली प्राथमिकता तेल के इस रिसाव को रोकना, जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उसके अंदर मौजूद माल को बाहर निकालना है। इसके लिए विशेष कंपनियों, गोताखोरों और विमानों को काम पर लगाया गया है। पर्यावरण प्राधिकरण के प्रमुख Abdullah bin Ali al Amri ने यह भी साझा किया कि खराब मौसम की वजह से बचाव कार्यों में कुछ रुकावटें जरूर आईं, लेकिन कई बार इसी खराब मौसम ने तेल के इन छल्लों को तटों से दूर धकेलने में मदद भी की है।
जहाज और पर्यावरण को कितना नुकसान
ओमान के अधिकारियों के अनुसार यह फैला हुआ तेल लगभग 390 वर्ग किलोमीटर के इलाके में फैला है, जबकि पर्यावरण समूहों का मानना है कि यह दायरा 600 से 800 वर्ग किलोमीटर तक हो सकता है। यह रिसाव एक सुरक्षित समुद्री रिजर्व के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गया है, जहां दुर्लभ Arabian Sea humpback whales और Socotra cormorants जैसे जीव रहते हैं। इसके अलावा स्थानीय मछुआरों और पर्यटन पर भी इसका असर पड़ सकता है, हालांकि अधिकारियों ने यह साफ किया है कि अभी के लिए पानी के संयंत्रों जैसे किसी भी जरूरी तटीय स्थान पर कोई सीधा खतरा नहीं है।
प्रतिबंधित जहाज और उसकी पृष्ठभूमि
यह 247 मीटर लंबा टैंकर, जिसे Caroline Bezengi के नाम से भी जाना जाता है, अपने साथ अनुमानित 800,000 से 1 मिलियन बैरल रूसी कच्चा तेल लेकर जा रहा था। ऐसा माना जाता है कि यह जहाज रूस के शैडो फ्लीट का हिस्सा है और यूरोपीय संघ तथा ब्रिटेन द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस जहाज ने सबसे पहले 8 जून को यमन के मुकल्ला बंदरगाह के पास दिक्कतों की सूचना दी थी और 30 जून को ओमान के तट से करीब 22 नॉटिकल मील दूर शारबिथत के पास आकर फंस गया था। उपग्रह से मिली तस्वीरों से पता चलता है कि यह टैंकर पानी में और ज्यादा नीचे धंसता जा रहा है, जिससे इसे सुरक्षित बाहर निकालने का काम और अधिक कठिन हो गया है तथा तेल के और अधिक फैलने का खतरा बढ़ गया है।