ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। भारत के जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए गहरा दुख जताया है। यह हमला पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर MT Settebello पर हुआ था, जिस पर 24 भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन की जान चली गई है। भारत सरकार ने इस गंभीर घटना पर अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

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किस वजह से हुआ हमला और कौन हैं वे नाविक जिनकी जान गई?

यह घटना 10 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में हुई। अमेरिकी सेना ने स्वीकार किया है कि उन्होंने MT Settebello पर सटीक हमला किया था क्योंकि यह जहाज ईरान से तेल ले जा रहा था और नाकेबंदी के नियमों का उल्लंघन कर रहा था। इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले तीन भारतीय नाविकों के नाम इस प्रकार हैं:

  • Aditya Sharma – डेक कैडेट
  • Shivanand Chaurasiya – इंजन फिटर
  • Patnala Suresh – चीफ इंजीनियर

इस जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिनमें 24 भारतीय और 4 विदेशी नागरिक (दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी) शामिल थे। ओमान प्रशासन ने भारत के साथ मिलकर इस बचाव अभियान में पूरा सहयोग किया है।

भारत सरकार ने अमेरिका के सामने कैसे जताया अपना विरोध?

इस घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब करके भारत ने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि भारतीय नाविकों की जान को खतरे में डालने वाली कोई भी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से अस्वीकार्य है। जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचे हुए नाविकों की घर वापसी और मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए। भारत ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

MT Settebello पर हुए हमले में कितने भारतीय सुरक्षित बचे हैं?

इस जहाज पर कुल 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है और वे सुरक्षित हैं।

अमेरिकी सेना ने इस तेल टैंकर पर हमला क्यों किया?

अमेरिकी सेना के अनुसार, यह जहाज प्रतिबंधों का उल्लंघन करके ईरान से तेल ले जा रहा था और उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था।