Oman ने Kuwaiti दूतावास पर हुए हमले की कड़े शब्दों में की निंदा, बसरा में प्रदर्शनकारियों ने की तोड़फोड़.
इराक़ के बसरा शहर में कुवैत के वाणिज्य दूतावास (Consulate General) पर हुए हमले के बाद खाड़ी देशों में तनाव का माहौल है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। 7 अप्रैल 2026 को प्रदर्शनकारियों की एक भीड़ ने दूतावास में घुसकर तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद से कुवैत और ओमान सहित कई देशों ने इस पर सख्त ऐतराज जताया है। ओमान ने साफ तौर पर कहा है कि राजनयिक मिशनों की सुरक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
बसरा में आखिर क्या हुआ और दूतावास को क्यों बनाया गया निशाना?
यह घटना 7 अप्रैल 2026 की है जब बसरा के अल जुबैर जिले में एक रॉकेट हमला हुआ था जिसमें तीन आम नागरिकों की मौत हो गई थी। इराकी अधिकारियों ने दावा किया था कि यह हमला किसी पड़ोसी देश की ओर से किया गया था। इस खबर के बाद प्रदर्शनकारियों की एक भीड़ ने गुस्से में आकर कुवैती दूतावास पर हमला बोल दिया और वहां तोड़फोड़ की। कुवैत ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी भी हमले के लिए हुआ है और इराक सरकार को दूतावास की सुरक्षा न कर पाने का जिम्मेदार ठहराया है।
ओमान और अन्य खाड़ी देशों की इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया रही?
ओमान के विदेश मंत्रालय ने 8 अप्रैल को जारी बयान में कहा कि यह हमला वियना कन्वेंशन का सीधा उल्लंघन है जो दूतावासों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा की गारंटी देता है। इस हमले के बाद खाड़ी देशों में एकजुटता देखी गई है। इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- ओमान ने राजनयिक मिशनों की गरिमा और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल का सम्मान करने पर जोर दिया।
- कुवैत ने इराक के चार्ज डी’अफेयर्स को बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और नुकसान की भरपाई की मांग की।
- इराक सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच कमेटी बना दी है।
- सऊदी अरब, यूएई, कतर और जीसीसी (GCC) के महासचिव ने भी इस घटना की निंदा की और कुवैत का साथ दिया।
- बसरा में रहने वाले प्रवासियों और अन्य नागरिकों को भी स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।





