अमेरिका के सैन डिएगो में एक इस्लामिक सेंटर पर जानलेवा हमला हुआ है। इस दुखद घटना में तीन लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए। ओमान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

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सैन डिएगो मस्जिद हमले की पूरी जानकारी और पीड़ित

यह हमला 18 मई 2026 को सैन डिएगो के इस्लामिक सेंटर (ICSD) में हुआ, जो वहां की सबसे बड़ी मस्जिद है। इस हमले में 51 साल के सुरक्षा गार्ड Amin Abdullah, 57 साल के शिक्षक Mohamed Nader और 78 साल के Mansour Kaziha की मौत हो गई। हमला करने वाले 17 साल के Cain Lee Clark और 18 साल के Caleb Liam Vazquez थे, जिन्होंने हमले के बाद खुद को गोली मार ली।

ओमान सरकार का बयान और अमेरिका में नए सुरक्षा नियम

ओमान के विदेश मंत्रालय ने 20 मई 2026 को एक औपचारिक बयान जारी किया। इसमें हमले की निंदा की गई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की गई। इस घटना के बाद अमेरिका की सीनेट में एक बिल पेश किया गया है, जिसके तहत धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 1 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त फंड देने का प्रस्ताव है।

सुरक्षा गार्ड की बहादुरी और FBI की जांच

  • बहादुरी: सैन डिएगो पुलिस चीफ Scott Wahl ने सुरक्षा गार्ड Amin Abdullah की तारीफ की। उन्होंने बताया कि गार्ड ने अपनी जान जोखिम में डालकर हमले को मस्जिद के सामने वाले हिस्से तक ही सीमित रखा, जिससे कई लोगों की जान बच गई।
  • जांच: FBI और सैन डिएगो पुलिस इस मामले की जांच कर रहे हैं। इसे एक ‘हेट क्राइम’ माना जा रहा है।
  • खुलासा: FBI को हमलावरों का एक ‘मेनिफेस्टो’ मिला है, जिसमें अलग-अलग नस्लों और धर्मों के प्रति नफरत जाहिर की गई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इस हमले में सबसे बहादुर व्यक्ति कौन था?

51 वर्षीय सुरक्षा गार्ड Amin Abdullah को उनकी बहादुरी के लिए याद किया जा रहा है। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए हमलावरों को रोकने की कोशिश की, जिससे मस्जिद के अंदर मौजूद कई लोगों की जान बच सकी।

हमलावरों के बारे में FBI ने क्या जानकारी दी?

FBI ने बताया कि हमलावर Cain Lee Clark और Caleb Liam Vazquez ऑनलाइन माध्यम से कट्टरपंथी बने थे। उनके लिखे एक दस्तावेज़ से पता चला कि वे कई धर्मों और नस्लों के प्रति नफरत रखते थे।