खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। 1 जून 2026 को कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया, जिसे कुवैत की वायु सेना ने हवा में ही मार गिराया। इस हमले के बाद ओमान और सऊदी अरब सहित खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने कुवैत का खुलकर समर्थन किया है और हमले की कड़ी निंदा की है। ओमान ने साफ कर दिया है कि वह कुवैत की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम के साथ खड़ा है। इस हमले के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है।
कुवैत पर हमले को लेकर ओमान ने क्या कहा?
ओमान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कुवैत पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है। ओमान ने कहा कि वह किसी भी ऐसे उकसावे वाले या सैन्य कदम का विरोध करता है जिससे पड़ोसी देशों की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा पहुंचता हो। ओमान के विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की है ताकि किसी भी बड़ी सैन्य झड़प को रोका जा सके।
कुवैती सेना ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?
कुवैत की सेना ने पुष्टि की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की सीमा में घुस रहे दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। सोमवार को कुवैत में धमाकों की आवाजें सुनी गई थीं, जिसके बारे में सेना ने बताया कि यह आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हमलों को हवा में नष्ट करने के कारण हुई थीं। इस हमले में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन देश भर में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इस हमले के पीछे किसका हाथ है और क्या असर पड़ेगा?
यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सैन्य तनाव के बीच हुआ है। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी हमले का जवाब देने का दावा किया है, जिसे इस हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। कुवैत में अमेरिकी सेना का बेस भी है, जिसे निशाना बनाने की कोशिश की आशंका है। सऊदी अरब और जीसीसी के महासचिव जासिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने भी इस हमले को बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत बताया है। इस तनाव से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत पर यह हमला कब हुआ और क्या इसमें कोई नुकसान हुआ?
यह हमला 1 जून 2026 को हुआ था। कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।
इस हमले पर ओमान और अन्य खाड़ी देशों की क्या प्रतिक्रिया रही?
ओमान, सऊदी अरब और जीसीसी ने हमले की कड़ी निंदा की है। ओमान ने कुवैत की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करने की बात कही है।
