ओमान ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूतावास को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने 5 अप्रैल 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना पर गहरा दुख जताया। मंत्रालय ने कहा कि राजनयिक मिशनों पर हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों और वियना कन्वेंशन का स्पष्ट उल्लंघन है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है और कई देशों ने यूएई के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई है।

🗞️: ईरान में घुसे सैकड़ों अमेरिकी कमांडो, भारी गोलीबारी के बीच दूसरे पायलट को सुरक्षित निकाला, ट्रंप ने दी जानकारी

दमिश्क में यूएई दूतावास पर हमले के मुख्य कारण क्या थे

दमिश्क में यूएई दूतावास पर हमले और विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 3 अप्रैल 2026 को हुई थी। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी दूतावास परिसर के बाहर जमा हुए और अंदर घुसने की कोशिश की।

  • प्रदर्शनकारियों ने दूतावास और मिशन प्रमुख के आवास पर तोड़फोड़ की और संपत्ति को नुकसान पहुँचाया।
  • सीरियाई सुरक्षा बलों ने भीड़ को दूतावास के अंदर घुसने से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया।
  • यूएई ने इस घटना को राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करार दिया है।
  • विरोध का कारण कथित तौर पर फिलिस्तीन मुद्दा और एक सीरियाई कमांडर की रिहाई की मांग से जुड़ा था।

ओमान और खाड़ी देशों ने अपनी प्रतिक्रिया में क्या कहा

ओमान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वह किसी भी ऐसे कृत्य को पूरी तरह खारिज करता है जो राजनयिक मिशनों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है। ओमान ने मेजबान देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत दूतावासों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

कतर, कुवैत और बहरीन ने भी इस हमले की निंदा करते हुए यूएई का साथ दिया है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी इस पर कड़ी चिंता जताई है। सीरियाई विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर राजनयिक मिशनों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के लिए क्षेत्रीय शांति और राजनयिक स्थिरता बेहद जरूरी होती है क्योंकि ऐसे तनावों का असर सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.