ओमान ने लेबनान पर इजराइल द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे युद्ध अपराध करार दिया है। सुल्तानत की ओर से कहा गया कि ये हमले लेबनान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाले हैं। ओमान ने दुनिया के देशों से अपील की है कि वे इस बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए आगे आएं क्योंकि हालात काफी संवेदनशील हो गए हैं।
ओमान ने इजराइल के हमलों पर क्या कहा है?
ओमान के आधिकारिक बयान के अनुसार, लेबनान पर हो रहे हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन हैं। सुल्तानत ने हमलों में हुई भारी जनहानि पर गहरी चिंता जताई है और कहा कि इसके लिए इजराइल को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। ओमान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि मासूम लोगों की जान बचाई जा सके। ओमान लगातार क्षेत्र में शांति की वकालत कर रहा है और उसने इजराइल की सैन्य कार्रवाई को अनुचित बताया है।
लेबनान में पिछले 24 घंटों में हुए नुकसान का विवरण
लेबनान में हालात बेहद खराब हैं और इजरायली सेना लगातार हवाई हमले कर रही है। पिछले 24 घंटों में हुई घटनाओं और जान-माल के नुकसान का डेटा नीचे दिया गया है:
| तारीख | घटना का विवरण | नुकसान (मौतें/घायल) |
|---|---|---|
| 9 अप्रैल 2026 | इजरायल ने 10 मिनट में 100 से अधिक ठिकानों पर हमले किए | 250 मौतें, 890 घायल |
| 8 अप्रैल 2026 | लेबनान के टायर और आस-पास के इलाकों में भीषण हमले | 254 मौतें, 1165 घायल |
| 8 अप्रैल 2026 | स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी अलग रिपोर्ट के आंकड़े | 89 मौतें, 722 घायल |
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की चर्चाओं के बावजूद इजरायल ने लेबनान में अपने हमले जारी रखे हैं। इजरायल का कहना है कि यह युद्धविराम समझौता हिजबुल्लाह के साथ उसकी लड़ाई पर लागू नहीं होता है। ओमान ने इससे पहले भी इजरायली संसद द्वारा कैदियों को फांसी देने वाले कानून की मंजूरी की निंदा की थी, जिससे साफ है कि वह इजरायल की नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है।
