ओमान ने इजरायली संसद यानी नेसेट (Knesset) द्वारा पास किए गए कैदियों को फांसी देने वाले कानून की औपचारिक रूप से कड़ी निंदा की है। ओमान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह कानून अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का सीधा उल्लंघन है। सल्तनत ने दुनिया भर के देशों से फिलिस्तीनी कैदियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की अपील की है। ओमान ने साफ कर दिया है कि वह फिलिस्तीनी कैदियों के जीवन और उनके मौलिक अधिकारों पर किसी भी तरह के हमले को स्वीकार नहीं करेगा।

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इजरायल के इस नए फांसी कानून की बड़ी बातें

यह कानून इजरायली अदालतों को उन लोगों को मौत की सजा देने की अनुमति देता है जिन्हें हमलों का दोषी पाया जाता है। इस कानून की काफी आलोचना हो रही है क्योंकि इसके दायरे में ज्यादातर फिलिस्तीनी कैदी ही आएंगे। कानून के मुख्य प्रावधानों को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

नियम का नाम मुख्य जानकारी
सजा का तरीका सैन्य अदालतों द्वारा दोषी पाए जाने पर फांसी दी जाएगी
समय सीमा सजा सुनाए जाने के 90 दिनों के भीतर फांसी देना अनिवार्य है
जजों की राय सजा के लिए बहुमत जरूरी है, सभी जजों की सहमति अनिवार्य नहीं है
अपील का अधिकार इस कानून के तहत सजा के खिलाफ अपील या माफी का कोई रास्ता नहीं है
भेदभाव की चिंता यह कानून केवल उन पर लागू होगा जो सैन्य अदालतों में ट्रायल फेस करते हैं

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कानून का विरोध क्यों हो रहा है?

ओमान के अलावा दुनिया के कई बड़े संगठनों और देशों ने इस कानून पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इजरायल से इस कानून को तुरंत रद्द करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यह कानून अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों के खिलाफ है और इससे युद्ध अपराध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और इटली जैसे यूरोपीय देशों ने भी इसे एक अमानवीय सजा बताया है।

मिस्र की प्रमुख संस्था अल-अजहर और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने भी इसे मानवाधिकारों का हनन बताया है। इजरायल के खुद के कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि वहां की सुप्रीम कोर्ट इस कानून को अंतरराष्ट्रीय संधियों के उल्लंघन के आधार पर खारिज कर सकती है। ओमान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि वे इजरायल पर दबाव डालें ताकि कैदियों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com