ओमान की मस्कट कोर्ट ने ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नियमों का उल्लंघन करने और सर्विस में देरी करने वाली छह कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी CPA की जांच के बाद इन मामलों को कोर्ट में भेजा गया था, जिसके बाद कोर्ट ने दोषी कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया है और जेल की सजा भी सुनाई है।

ओमान कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ के तहत हुई सख्त कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई ओमान के उपभोक्ता संरक्षण कानून यानी रॉयल डिक्री नंबर 66/2014 के तहत की गई है। कानून के आर्टिकल 23 और 39 के मुताबिक, ग्राहकों को सही तरीके से सेवा न देना और समझौते का उल्लंघन करना एक गंभीर अपराध है। उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण का कहना है कि बाजार में भरोसा बनाए रखने और ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

अलग-अलग मामलों में मिली जेल और जुर्माने की सजा

कोर्ट ने नियमों का उल्लंघन करने वाली अलग-अलग कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, जिसका विवरण इस प्रकार है:

  • मार्बल और सिरेमिक सेक्टर: मस्कट में दो कंपनियों को दोषी पाया गया। एक कंपनी पर समय पर मार्बल की डिलीवरी न करने के लिए 300 ओमानी रियाल का जुर्माना लगाया गया। वहीं दूसरी कंपनी पर 100 ओमानी रियाल का निलंबित जुर्माना लगाया गया है।
  • सर्विस और बिजनेस सेक्टर: इन्वेस्टर कार्ड और रेजिडेंसी परमिट के काम में लापरवाही बरतने और सर्विस सही समय पर न देने के आरोप में एक संस्थान के मालिक को दो महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही इस संस्थान पर 1,000 ओमानी रियाल का जुर्माना लगाया गया है और इसके ऑफिस को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान में कंपनियों के खिलाफ यह कार्रवाई क्यों की गई है?

यह कार्रवाई ग्राहकों को तय समय पर सर्विस न देने, वारंटी के नियमों का उल्लंघन करने और इन्वेस्टर कार्ड व रेजिडेंसी परमिट के कामों में लापरवाही बरतने के कारण की गई है।

ओमान में नियमों का उल्लंघन करने पर क्या सजा मिली है?

दोषी कंपनियों पर 100 से लेकर 1,000 ओमानी रियाल तक का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा एक संस्थान के मालिक को दो महीने की जेल की सजा हुई है और उसकी कंपनी को हमेशा के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है।