ओमान सरकार ने अपने डिजिटल एसेट सेक्टर को कंट्रोल करने और उसे सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार अब देश में क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग की निगरानी के लिए एक नेशनल ओवरसाइट हब बना रही है. इसके साथ ही सभी लाइसेंस वाली माइनिंग कंपनियों के लिए एक सरकारी माइनिंग पूल में शामिल होना अनिवार्य कर दिया गया है.
परिवहन, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MTCIT) ने ITHCA Group और Frontech कंपनी के साथ मिलकर इस प्लेटफॉर्म को तैयार किया है. सरकार ने Omanhash.om नाम से एक ऑफिशियल माइनिंग पूल लॉन्च किया है. अब ओमान में काम करने वाली हर लाइसेंस प्राप्त माइनिंग कंपनी को इसी पूल का हिस्सा बनना होगा, ताकि सरकार उनकी गतिविधियों पर नजर रख सके.
इस पूरी व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी कंपनियां सरकारी नियमों का पालन करें. इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा. ओमान सरकार ने इस क्षेत्र को बैन करने के बजाय उसे रेगुलेट करने का फैसला लिया है. इस प्रोजेक्ट के लिए Enegix Global ने टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाया है, जबकि Frontier Technologies LLC इसके रोजमर्रा के कामकाज की देखरेख कर रही है.
ओमान दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है जिसने कजाकिस्तान की तर्ज पर ऐसा सरकारी माइनिंग मॉडल अपनाया है. सरकार ने इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश भी किया है.
ओमान क्रिप्टो माइनिंग प्रोजेक्ट की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल निवेश | 700 मिलियन डॉलर से अधिक |
| निवेश का स्थान | सललाला फ्री ज़ोन (Salalah Free Zone) |
| ऑफिशियल माइनिंग पूल | Omanhash.om |
| कंप्यूटिंग पावर लक्ष्य | 10 exahashes per second (EH/s) |
| ग्लोबल नेटवर्क शेयर | लगभग 3 प्रतिशत |
| रिवॉर्ड मॉडल | Full Pay-Per-Share (FPPS) |
| मुख्य सहयोगी संस्थान | MTCIT, ITHCA Group, Frontech और Enegix Global |
