ओमान सरकार ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए एक नया और कड़ा कानून लागू किया है। सुल्तान हैथम बिन तारिक ने इसके लिए रॉयल डिक्री नंबर 62/2026 जारी किया है। इस नए नियम के बाद अब देश की पुरानी चीजों और प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो जाएगी।

नया कानून और लागू होने की तारीख

यह नया रॉयल डिक्री 1 जून 2026 को जारी किया गया था। इसे 7 जून 2026 को सरकारी गजट में छापा गया और इसके अगले दिन यानी 8 जून 2026 से यह पूरी तरह लागू हो गया। यह कानून पुराने कानून (रॉयल डिक्री नंबर 35/2019) के आर्टिकल टू की जगह लेगा। इस कानून को चलाने की जिम्मेदारी Ministry of Heritage and Tourism और Ministry of Culture, Sports and Youth को दी गई है।

किन चीजों को मिलेगी सुरक्षा

इस कानून के दायरे को काफी बढ़ा दिया गया है। अब इसमें नीचे दी गई चीजें शामिल हैं:

  • ऐसी विरासत जिन्हें छुआ जा सकता है (Tangible) और जिन्हें महसूस किया जाता है (Intangible)।
  • ऐसी चीजें जिन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है या जो अपनी जगह पर स्थिर हैं।
  • पानी के नीचे दबी हुई सांस्कृतिक धरोहरें।
  • यूनेस्को (UNESCO) की लिस्ट में शामिल या नामित साइट्स, जिन्हें अब “ओमान वर्ल्ड कल्चरल हेरिटेज” कहा जाएगा।

प्राकृतिक धरोहर और सख्त सजा

सरकार ने अब भूगर्भीय विरासत (Geological Heritage) पर भी खास ध्यान दिया है। इसमें चट्टानों की बनावट, जीवाश्म (Fossils) और उल्कापिंड (Meteorites) शामिल हैं। कानून के मुताबिक, बिना इजाजत इन नमूनों को हटाना या ले जाना मना है।

नियम तोड़ने वालों के लिए बहुत सख्त सजा तय की गई है। अगर कोई उल्कापिंड की तस्करी करता है या विरासत की चीजों को नष्ट करता है, तो उसे 4 से 10 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही, 20,000 से 1,50,000 ओमान रियाल तक का भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।

महत्वपूर्ण नियम और रिपोर्टिंग

अगर किसी को कोई पुरानी चीज या पुरातात्विक खोज मिलती है, तो उसकी जानकारी 48 घंटे के भीतर संबंधित विभाग को देना जरूरी है। सरकारी अधिकारियों को इस पर 60 दिनों के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा, प्राइवेट म्यूजियम खोलने और पुरानी चीजों के व्यापार या निर्यात के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया को भी साफ किया गया है।