ओमान का एक कूटनीतिक प्रतिनिधिमंडल 24 जुलाई 2026 को तेहरान पहुंचा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य Strait of Hormuz से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत करना था। ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच इस मुद्दे पर फोन पर भी चर्चा हुई है, जिसमें समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
ईरान का रुख और सुरक्षा पर जोर
ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जब तक Strait of Hormuz से जुड़ी उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे किसी भी तरह के युद्धविराम को स्वीकार नहीं करेंगे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जलडमरूमध्य की सुरक्षा केवल खाड़ी देशों का काम है और इसमें किसी भी विदेशी ताकत, विशेषकर अमेरिका की उपस्थिति अस्थिरता का मुख्य कारण है। ईरान ने अपने कदमों को रक्षात्मक और आनुपातिक प्रतिक्रिया बताया है।
बातचीत का अब तक का घटनाक्रम
जून महीने में हुई पिछली वार्ताओं के दौरान दोनों देशों ने एक संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति जताई थी। हालांकि, 11 जुलाई 2026 को हुई बातचीत में अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं निकल पाया है। ओमान ने इस दौरान समुद्री नेविगेशन के लिए अलग-अलग कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिस पर आगे की चर्चा जारी है। ईरान के शीर्ष न्यायाधीश ने यह भी कहा कि उनका अपने पड़ोसी देशों के साथ कोई दुश्मनी का भाव नहीं है और वे केवल उस स्रोत को लक्षित कर रहे हैं जिसे वे अमेरिकी आक्रामकता मानते हैं।
