होर्मुज जलडमरूमध्य में इस समय हालात काफी तनावपूर्ण हैं जहां 2,000 से ज्यादा व्यापारिक जहाज और 20,000 से ज्यादा नाविक फंसे हुए हैं। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने इन जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय पहल की मांग की है। यह संकट अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से पैदा हुआ है जिससे समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है।

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ओमान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन से क्या मांग की

11 मई 2026 को ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के प्रमुख Arsenio Dominguez के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक के दौरान मुख्य बातें सामने आईं:

  • ओमान ने तटीय देशों के सहयोग से फंसे हुए जहाजों को निकालने के लिए तुरंत मानवीय पहल शुरू करने को कहा।
  • विदेश मंत्री ने जोर दिया कि समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन होना चाहिए।
  • ओमान ने ईरान द्वारा जहाजों पर टोल टैक्स लगाने की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
  • IMO प्रमुख ने ओमान के इस प्रयास की तारीफ की और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत जारी रखने की बात कही।

होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट की मुख्य वजह और अब तक क्या हुआ

इस पूरे विवाद की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए जिसके बाद ईरान ने इस समुद्री रास्ते को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया। इसके बाद के घटनाक्रम इस प्रकार रहे:

  • 4 मई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फंसे जहाजों को निकालने के लिए Project Freedom नाम का सैन्य अभियान शुरू किया।
  • 7 मई 2026 को शांति समझौते की संभावना देखते हुए इस प्रोजेक्ट को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
  • ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि वे उन जहाजों को रास्ता देंगे जो किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि में शामिल नहीं हैं।
  • हालांकि ईरान ने उन जहाजों को रोकने की चेतावनी दी है जो अमेरिकी सेना के लिए हथियार या गोला-बारूद ले जा रहे हैं।

भारत और अन्य देशों का इस मुद्दे पर क्या रुख है

इस संकट का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ा है और भारत सहित कई देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है:

देश/संस्था तारीख मुख्य फैसला/बयान
भारत 8 मई 2026 ईरान को जहाजों की रिहाई के लिए कोई वित्तीय भुगतान नहीं करेगा।
ईरान 10 मई 2026 फ्रांस और ब्रिटेन को समुद्री सुरक्षा के प्रयासों को लेकर चेतावनी दी।
संयुक्त राष्ट्र 20,000 नाविकों और 2,000 जहाजों के फंसे होने की पुष्टि की।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य में कितने जहाज और नाविक फंसे हुए हैं

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार 2,000 से अधिक वाणिज्यिक जहाज और 20,000 से ज्यादा नाविक वहां फंसे हुए हैं।

भारत ने फंसे हुए जहाजों को निकालने के लिए क्या फैसला लिया है

भारत सरकार ने 8 मई 2026 को यह साफ कर दिया कि वह अपने जहाजों को निकालने के लिए ईरान को किसी भी तरह का पैसा नहीं देगा।