ओमान के श्रम मंत्रालय और कृषि, मत्स्य पालन और जल संसाधन मंत्रालय ने धफ़र के कृषि क्षेत्र को मज़बूत करने के लिए एक नई अस्थायी लेबर ट्रांसफर सेवा शुरू की है। यह पहल खास तौर पर नज्द (Najd) इलाके के किसानों की मदद के लिए लाई गई है। अब बुवाई और कटाई के ज़रूरी समय पर मज़दूरों को एक जगह से दूसरी जगह आसानी से भेजा जा सकेगा।
ट्रांसफर की अवधि और आवेदन प्रक्रिया
नियमों के मुताबिक, खेती के सीजन के दौरान मज़दूरों का ट्रांसफर एक महीने के लिए किया जा सकेगा, जबकि कटाई के समय यह अवधि अधिकतम दो महीने तक हो सकती है। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए नज्द क्षेत्र के किसानों को विलायत थुमरैत (Wilayat Thumrait) के कृषि, मत्स्य पालन और जल संसाधन निदेशालय में आवेदन देना होगा।
आवेदन के समय किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज़ जमा करने होंगे:
- ज़मीन के मालिकाना हक का सबूत या वैध कृषि उपयोग अनुबंध (Usufruct contract)
- वैध कृषि होल्डिंग सर्टिफिकेट
- कुएं के परमिट की कॉपी
कृषि अधिकारियों से मंज़ूरी मिलने के बाद, आवेदक को धफ़र के श्रम निदेशालय में आवेदन और मालिकाना हक के कागज़ात जमा कर बाकी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
मज़दूरों के ट्रांसफर के लिए शर्तें
श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मज़दूरों के ट्रांसफर के लिए कुछ कड़े नियमों का पालन करना होगा। मज़दूर को केवल उसी काम में लगाया जा सकता है जिसके लिए उसका वर्क परमिट जारी हुआ है। कृषि परमिट वाले मज़दूर को कमर्शियल वर्क परमिट पर नहीं भेजा जाएगा, सिवाय उन मामलों के जहाँ वह पहले से उसी मालिक के पास काम कर रहा हो।
साथ ही, मज़दूर के लिए यह ज़रूरी है कि उसने अपने मौजूदा मालिक के पास कम से कम तीन महीने काम किया हो और उसके वर्क परमिट की वैलिडिटी कम से कम तीन महीने बची हो। ट्रांसफर के समय उसका एम्प्लॉयमेंट स्टेटस एक्टिव होना चाहिए।
जनरल लेबर ट्रांसफर नियम (Ministerial Decision No. 730/2024)
सरकार ने 15 दिसंबर 2024 से निजी क्षेत्र के गैर-ओमानी कर्मचारियों के लिए भी नए नियम लागू किए हैं। इसके तहत कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- मज़दूर को ऐसे पद पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता जो ओमानिज़ेशन (Omanization) के लिए आरक्षित हो।
- ट्रांसफर के लिए पुराने मालिक की लिखित मंज़ूरी ज़रूरी है।
- मज़दूर ने अपने मौजूदा मालिक के पास कम से कम छह महीने काम किया हो और वर्क परमिट की वैलिडिटी छह महीने बची हो।
- एक कैलेंडर वर्ष में ट्रांसफर की कुल अवधि छह महीने से ज़्यादा नहीं हो सकती।
- किसी भी कंपनी के कुल वर्कफोर्स का 50% से ज़्यादा हिस्सा ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।
- नई कंपनी को मज़दूर को पहले जैसा वेतन और सुविधाएं देना अनिवार्य होगा।
खारीफ धफ़र 2026 की तैयारी
खारीफ धफ़र 2026 सीजन के लिए श्रम मंत्रालय ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। इस दौरान ओमान के युवाओं के लिए अस्थायी रोज़गार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। साथ ही, गैर-ओमानी मज़दूरों के लिए अस्थायी वर्क परमिट और उनके ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी ताकि सीजन के दौरान बढ़ने वाली माँग को पूरा किया जा सके।
