ओमान के सोहर में हुए ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले दो भारतीयों के पार्थिव शरीर 17 मार्च 2026 को भारत लाए गए। पश्चिम एशिया में चल रहे विवाद के बीच अब तक कुल 5 भारतीयों की मौत हुई है। विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि बाकी 3 भारतीयों के शव भी जल्द वापस लाने के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं।

कैसे हुआ था यह हादसा और अब क्या है स्थिति?

13 मार्च 2026 को ओमान के सोहर स्थित Al Awhi Industrial Zone में एक ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले में 2 भारतीयों की जान चली गई और 10 लोग घायल हुए थे। विदेश मंत्रालय के ताजा अपडेट के मुताबिक, अब तक 5 घायल अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं और 5 का इलाज चल रहा है। किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। गल्फ क्षेत्र में बढ़ते विवाद को देखते हुए 28 फरवरी 2026 से अब तक 2 लाख 20 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास 24 घंटे काम कर रहा है।

शवों की वापसी और परिवारों के लिए सरकारी मदद

गल्फ देशों से शवों को वापस लाने के लिए दूतावास द्वारा Death Certificate और NOC जारी किया जाता है। अगर परिवार या कंपनी खर्च उठाने में असमर्थ है, तो भारत सरकार Indian Community Welfare Fund (ICWF) के तहत पूरी मदद करती है। आमतौर पर ओमान से शव लाने का खर्च करीब 160 ओमानी रियाल आता है, जिसे संकट की इस घड़ी में सरकार द्वारा कवर किया जा रहा है। इसके अलावा नई दिल्ली में एक स्पेशल कंट्रोल रूम काम कर रहा है, जहां से गल्फ में रहने वाले प्रवासियों के परिवार 24 घंटे मदद और जानकारी ले सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.