ओमान के Duqm में स्थित Ras Markaz टर्मिनल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। कई खाड़ी देशों और दुनिया के अन्य देशों ने यहाँ अपना कच्चा तेल स्टोर करने की योजना बनाई है। Oman Investment Authority (OIA) के प्रेसिडेंट ने सोमवार को इस बड़े अपडेट की जानकारी दी।

Ras Markaz टर्मिनल की क्षमता और इसकी खास बातें क्या हैं?

यह टर्मिनल अपनी खास लोकेशन और बड़ी स्टोरेज क्षमता की वजह से दुनिया भर के देशों को अपनी ओर खींच रहा है। इसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • स्टोरेज क्षमता: यहाँ ओमान के कुल तेल निर्यात के एक महीने के बराबर कच्चा तेल जमा किया जा सकता है।
  • मैनेजमेंट: इस टर्मिनल का संचालन Oman Tank Terminal Company (OTTCO) द्वारा किया जाता है।
  • उपयोग: यह सुविधा कमर्शियल स्टोरेज और एक्सपोर्ट दोनों कामों के लिए तैयार की गई है।

दुनिया भर के देश ओमान में तेल क्यों स्टोर करना चाहते हैं?

ओमान खुद को ग्लोबल एनर्जी लॉजिस्टिक्स के एक रणनीतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। Duqm अब ऊर्जा के लिए एक मुख्य गेटवे बनकर उभर रहा है। कई देश पारंपरिक ट्रांजिट पॉइंट्स के बजाय अब ऐसे सुरक्षित और नए स्टोरेज हब की तलाश में हैं, जिससे उनका तेल व्यापार सुरक्षित रहे। ओमान इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के प्रेसिडेंट H.E. Abdulsalam al Murshidi ने बताया कि इस सुविधा की लोकेशन और क्षमता ही अंतरराष्ट्रीय देशों की दिलचस्पी का मुख्य कारण है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Ras Markaz टर्मिनल का प्रबंधन कौन करता है?

इस टर्मिनल का प्रबंधन Oman Tank Terminal Company (OTTCO) करती है, जो कमर्शियल स्टोरेज और एक्सपोर्ट दोनों का काम देखती है।

इस टर्मिनल की स्टोरेज क्षमता कितनी है?

Ras Markaz टर्मिनल में ओमान के कुल मासिक तेल निर्यात के बराबर कच्चा तेल स्टोर करने की क्षमता उपलब्ध है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.