ओमान की अर्थव्यवस्था को लेकर International Monetary Fund (IMF) ने एक सकारात्मक रिपोर्ट जारी की है। IMF का अनुमान है कि साल 2026 तक ओमान की आर्थिक ग्रोथ रेट बढ़कर 3.7 प्रतिशत तक पहुँच जाएगी। यह जानकारी मस्कट में IMF की टीम के दौरे के बाद सामने आई है।
IMF की टीम 7 जून से 15 जून 2026 तक मस्कट के दौरे पर रही। इस टीम के लीडर Abdullah Al Hassan ने मिशन के अंत में एक बयान दिया जिसमें उन्होंने ओमान की आर्थिक मजबूती की तारीफ की। इससे पहले अप्रैल 2026 में ग्रोथ रेट 3.5 प्रतिशत होने का अनुमान था, जिसे अब बढ़ाकर 3.7 प्रतिशत कर दिया गया है।
ओमान की अर्थव्यवस्था में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से तेल के उत्पादन में वृद्धि की वजह से होगी। हालांकि, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण पर्यटन और निर्माण जैसे गैर-तेल क्षेत्रों पर असर पड़ा है, जिससे इस सेक्टर की ग्रोथ 2026 में थोड़ी कम होकर 2.5 प्रतिशत रह सकती है, लेकिन 2027 तक इसके फिर से 3.2 प्रतिशत तक पहुँचने की उम्मीद है।
महंगाई के मोर्चे पर देखें तो 2025 में यह करीब 1 प्रतिशत थी, लेकिन जनवरी से मई 2026 के बीच खाद्य पदार्थों और परिवहन के खर्च बढ़ने से यह 2.8 प्रतिशत तक पहुँच गई। फिर भी, IMF का मानना है कि 2026 के अंत तक औसत महंगाई 1.7 प्रतिशत के आसपास कम रहेगी।
ओमान आर्थिक रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े
| विवरण | अनुमानित आंकड़ा/रेट |
|---|---|
| GDP ग्रोथ (2024) | 1.6 प्रतिशत |
| GDP ग्रोथ (2025) | 2.4 प्रतिशत |
| GDP ग्रोथ (2026 अनुमानित) | 3.7 प्रतिशत |
| गैर-तेल सेक्टर ग्रोथ (2026) | 2.5 प्रतिशत |
| गैर-तेल सेक्टर ग्रोथ (2027) | 3.2 प्रतिशत |
| औसत महंगाई (2026 अनुमानित) | 1.7 प्रतिशत |
| पब्लिक डेट (GDP का प्रतिशत) | 33 प्रतिशत |
| करंट अकाउंट सरप्लस | 7.5 प्रतिशत |
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ओमान की बैंकिंग सेक्टर काफी मजबूत है और इसमें पर्याप्त पैसा मौजूद है। तेल की अच्छी कीमतों और सरकारी खर्चों पर नियंत्रण की वजह से देश के खजाने में अच्छी बढ़त होने की उम्मीद है।