ईद और रमजान के आखिरी दिनों को देखते हुए ओमान सरकार ने बड़ी तैयारी की है। रेड मीट की लगातार मांग पूरी करने के लिए ओमान में 2 लाख 85 हजार से ज्यादा मवेशी आयात किए गए हैं। सरकार का मुख्य फोकस यह है कि बाजारों में मीट की कमी न हो और आम जनता सहित प्रवासियों को सही दाम पर सामान मिल सके।

मवेशियों के आयात का ताजा आंकड़ा

ओमान के कृषि, मत्स्य पालन और जल संसाधन मंत्रालय ने 1 जनवरी से 5 मार्च 2026 के बीच 285,890 जीवित जानवरों का आयात किया है। इसके लिए 239 परमिट जारी किए गए थे ताकि बाजार में सप्लाई प्रभावित न हो।

  • भेड़ और बकरियां: 258,172
  • गाय और बैल (Cattle): 27,718

पिछले साल के मुकाबले इस साल आयात में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। बाजारों में जानवरों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए क्वारंटाइन और अन्य कागजी काम भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।

कीमतों पर नियंत्रण के लिए क्या हैं नियम

उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CPA) और मंत्रालय बाजारों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। नियम साफ है कि बिना अनुमति के कोई भी दुकानदार दाम नहीं बढ़ा सकता है। सीपीए ने साफ किया है कि कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कुछ दुकानों पर नियम तोड़ने के कारण पहले ही कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वेटनरी डॉक्टर हर जानवर की स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं ताकि जनता तक पहुंचने वाला मीट सुरक्षित हो और कोई बीमारी न फैले।

स्थानीय बाजारों की स्थिति और प्रवासियों पर असर

मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार ओमान के सभी प्रमुख बाजार पूरी तरह से स्टॉक किए जा चुके हैं। पारंपरिक हब्ता बाजार (Habta Markets) भी कई इलाकों में शुरू हो गए हैं जहां स्थानीय ओमान के जानवरों की भारी मांग है।

खाद्य आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए सरकार ने कुछ स्थानीय फसलों के निर्यात पर भी रोक लगा दी है। इससे ओमान में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को ईद के मौके पर महंगाई का सामना नहीं करना पड़ेगा और सामान तय रेट पर मिलेगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.