ओमान को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र (UN) की बच्चों के अधिकारों वाली समिति में जगह मिली है। देश को दूसरे लगातार कार्यकाल के लिए चुना गया है, जो 2027 से शुरू होकर 2031 तक चलेगा। यह फैसला न्यूयॉर्क में हुई राज्यों की एक अहम बैठक के दौरान लिया गया।
यह समिति मुख्य तौर पर इस बात की निगरानी करती है कि सदस्य देश बच्चों के अधिकारों से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय संधि के नियमों को सही से लागू कर रहे हैं या नहीं। ओमान का दोबारा चुना जाना यह बताता है कि वह बच्चों की भलाई और मानवाधिकारों के वैश्विक मानकों के प्रति गंभीर है।
समिति के नियम और कामकाज
इस समिति के काम करने के तरीके के बारे में कुछ जरूरी बातें नीचे दी गई हैं:
- इस समिति में कुल 18 एक्सपर्ट सदस्य होते हैं।
- हर सदस्य का कार्यकाल 4 साल का होता है और इसे दोबारा बढ़ाया जा सकता है।
- इनका चुनाव गुप्त मतदान के जरिए होता है, जिसमें जीतने के लिए 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलना जरूरी है।
- सबसे अहम बात यह है कि ये सदस्य अपनी निजी क्षमता में काम करते हैं, वे अपनी सरकार के प्रतिनिधि बनकर नहीं आते।
हाल के घटनाक्रमों की बात करें तो ओमान की Thuwayba Al-Barwani को मई 2023 में इस समिति के एक्सपर्ट के तौर पर शामिल किया गया था। वहीं, जून 2026 में संयुक्त राष्ट्र में ओमान के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी Sara Albalushi ने कहा था कि ओमान मानवाधिकार परिषद और उच्चायुक्त कार्यालय के साथ मिलकर सकारात्मक तरीके से काम करने के लिए तैयार है।
