ओमान के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक अटेस्टेशन (दस्तावेज सत्यापन) सेवा का 14वां चरण शुरू कर दिया है। इस नए चरण में कुल 14 नए देशों को शामिल किया गया है। अब इन देशों में रहने वाले लोगों को अपने जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन के लिए ओमान के दूतावास या राजनयिक मिशनों के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं होगी।

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दूतावास जाने का झंझट खत्म, अब इस एजेंसी के जरिए होगा काम

ओमान विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस डिजिटल सेवा को ओमान पोस्ट के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। अब सत्यापन की सेवाएं सीधे विदेश मंत्रालय के काउंसलर विभाग से नहीं बल्कि ओमान पोस्ट के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन या ओमान में स्थित तय डाकघर शाखाओं के जरिए दी जा रही हैं। इसका सीधा उद्देश्य कागजी कार्रवाई को आसान बनाना और डिजिटल ओमान विजन 2040 के लक्ष्यों को पूरा करना है।

समझें किस तारीख से किन देशों में लागू हुई यह सेवा

इस इलेक्ट्रॉनिक अटेस्टेशन सेवा को अलग-अलग चरणों में दुनिया के कई देशों में लागू किया गया है। नीचे दी गई तालिका में इस सेवा के सफर और प्रमुख देशों की जानकारी दी गई है।

लागू होने की तारीख चरण और संबंधित देश
23 जनवरी 2025 इस इलेक्ट्रॉनिक अटेस्टेशन सेवा की पहली शुरुआत की गई
15 मार्च 2025 चौथा चरण: पाकिस्तान में शुरू किया गया
20 मार्च 2025 जर्मनी और ऑस्ट्रिया को इस सेवा से जोड़ा गया
22 अप्रैल 2025 सातवां चरण: जॉर्डन और मिस्र में सेवा शुरू हुई
14 मई 2026 तेरहवां चरण (भाग 1): सिंगापुर, मलेशिया, चीन, हांगकांग, अमेरिका, ब्राजील और इराक
21 मई 2026 तेरहवां चरण (भाग 2): लेबनान, सीरिया, फिलिस्तीन और ट्यूनीशिया
7 जून 2026 चौदहवां चरण: 14 नए देशों में विस्तार (नाम अभी घोषित होना बाकी है)

ताजा बदलाव के तहत 7 जून 2026 को लॉन्च किए गए 14वें चरण से उन सभी लोगों को राहत मिलेगी जो ओमान से जुड़े काम के लिए दस्तावेजों का सत्यापन करवाना चाहते हैं। हालांकि इन नए 14 देशों के नामों की सूची की विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान की इस इलेक्ट्रॉनिक अटेस्टेशन सेवा का मुख्य फायदा क्या है?

इस सेवा के चालू होने से अब लोगों को दस्तावेज सत्यापन के लिए सीधे ओमान के दूतावास जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। वे ओमान पोस्ट की मदद से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से या तय शाखाओं से अपना काम करवा सकते हैं।

क्या भारत और अन्य खाड़ी देशों के यात्रियों पर इसका असर पड़ेगा?

हां, डिजिटलीकरण की इस प्रक्रिया से कागजी कामकाज में लगने वाला समय बचेगा। ओमान में रहने वाले विदेशी प्रवासियों के लिए अपने गृह देशों से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कराना बेहद सुरक्षित और आसान हो जाएगा।