ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने देश की डिजिटल तरक्की के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मस्कट गवर्नरेट में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशल जोन’ बनाने के लिए शाही फरमान (Royal Decree No. 50/2026) जारी किया गया है। इस कदम से ओमान अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और नई टेक्नोलॉजी वाले प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देगा।

AI स्पेशल जोन क्या है और इससे क्या फायदा होगा?

यह स्पेशल जोन ओमान के ‘विज़न 2040’ और ‘ग्यारहवें पंचवर्षीय विकास योजना (2026-2030)’ का एक अहम हिस्सा है। सरकार का मकसद डिजिटल अर्थव्यवस्था की हिस्सेदारी को बढ़ाना है। साल 2021 में यह हिस्सा करीब 2% था, जिसे 2040 तक बढ़ाकर 10% करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • इंसेंटिव और छूट: यहाँ काम करने वाली कंपनियों को रॉयल डिक्री नंबर 38/2025 के तहत खास सुविधाएं और टैक्स में छूट मिलेगी।
  • मुख्य क्षेत्र: यह जोन सेमीकंडक्टर्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे एडवांस सेक्टर पर फोकस करेगा।
  • मकसद: इसका उद्देश्य ओमान को क्षेत्र का टेक हब बनाना और कमाई के नए तरीके ढूंढना है।

कौन सी संस्थाएं संभालेंगी इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी?

इस पूरे प्रोजेक्ट की देखरेख के लिए सरकार ने अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। Public Authority for Special Economic Zones and Free Zones (OPAZ) इस जोन के मैनेजमेंट और ऑपरेशन की निगरानी करेगा। साथ ही, Ministry of Transport, Communications and Information Technology (MTCIT) तकनीकी पार्टनर के तौर पर काम करेगा और अंतरराष्ट्रीय डेवलपर्स को चुनने की प्रक्रिया संभालेगा।

इस प्रोजेक्ट में प्राइवेट सेक्टर को भी मौका मिला है। Afouq Investment and Development United नाम की ओमान की कंपनी को इस जोन के एक हिस्से को विकसित करने का काम मिला है। यह कंपनी करीब 105,000 स्क्वायर मीटर के इलाके को मैनेज और ऑपरेट करेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान का AI स्पेशल जोन कहाँ बनेगा?

यह स्पेशल जोन मस्कट गवर्नरेट में बनाया जाएगा और इसे शाही फरमान नंबर 50/2026 के जरिए मंजूरी मिली है।

इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य क्या है?

इसका लक्ष्य डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देना और 2040 तक GDP में डिजिटल अर्थव्यवस्था की हिस्सेदारी को 2% से बढ़ाकर 10% करना है।