ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने मस्कट में एक स्पेशल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ज़ोन बनाने का ऐलान किया है. इस बड़े फैसले के लिए 30 अप्रैल 2026 को रॉयल डिक्री जारी किया गया. इस कदम का मकसद ओमान को दुनिया भर की टेक कंपनियों के लिए एक बड़ा केंद्र बनाना और देश में नई तकनीक को बढ़ावा देना है.
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AI ज़ोन से क्या होगा फायदा और किसे मिलेगी छूट?
इस ज़ोन में काम करने वाली कंपनियों को कई तरह के फायदे, टैक्स में छूट और खास सुविधाएं मिलेंगी. यह सब स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन और फ्री ज़ोन कानून के तहत होगा, जिसे 7 अप्रैल 2025 को लागू किया गया था. इस ज़ोन के ज़रिए ओमान अपनी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना चाहता है और खुद को मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के लिए एक टेक हब के रूप में स्थापित करेगा.
नौकरियों और निवेश पर क्या असर पड़ेगा?
ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशंस और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर Eng Said bin Hamoud al Maawali ने बताया कि ओमान के AI सेक्टर में अब तक 65 मिलियन रियाल से ज़्यादा का निवेश आ चुका है. उन्होंने साफ किया कि इस स्पेशल AI ज़ोन से ओमान के नागरिकों के लिए हाई-क्वालिटी और स्पेशलाइज्ड नौकरियां पैदा होंगी. साथ ही, इससे विदेशी कंपनियों की आधुनिक तकनीक को ओमान में लाना आसान होगा.
इस बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी किसकी होगी?
- OPAZ: यह संस्था ज़ोन को चलाने, मैनेज करने और इसके नियम बनाने का काम देखेगी.
- MTCIT: यह मंत्रालय तकनीकी पार्टनर के तौर पर काम करेगा और इंटरनेशनल डेवलपर्स को चुनने की प्रक्रिया संभालेगा.
- RAI: रिसर्च और इनोवेशन अथॉरिटी देश की AI और चौथी औद्योगिक क्रांति (4IR) की रणनीति तय करेगी.
- Ufuq Investment: यह कंपनी प्रोजेक्ट के पहले फेज में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और मास्टर प्लान बनाने का काम करेगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ओमान में AI ज़ोन की घोषणा कब हुई?
सुल्तान हैथम बिन तारिक ने 30 अप्रैल 2026 को रॉयल डिक्री के ज़रिए मस्कट में स्पेशल AI ज़ोन बनाने का ऐलान किया.
इस ज़ोन का मुख्य मकसद क्या है?
इसका मकसद ओमान में तकनीकी क्षमता बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और ओमानियों के लिए नई और बेहतर नौकरियां पैदा करना है.