ओमान और यूरोपीय संघ (EU) ने मिलकर समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने और तनाव को कम करने की अपील की है। ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बदर बिन हमद अल बुसैदी ने यूरोपीय संघ की प्रतिनिधि काजा कल्लास के साथ फोन पर बात की है। दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने और समुद्री जहाजों की आवाजाही को फिर से सामान्य करने पर चर्चा की है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब Strait of Hormuz को लेकर वैश्विक स्तर पर तनाव काफी बढ़ गया है।

Strait of Hormuz को लेकर क्या है पूरा विवाद?

ईरान इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहता है। ईरान ने ओमान के साथ मिलकर एक टोल सिस्टम शुरू करने पर भी बातचीत की थी, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया। ईरान का कहना है कि वर्तमान रास्ता एक खतरे वाला क्षेत्र है और जहाजों को उसके समुद्री क्षेत्र से होकर यानी सुरक्षित रास्ते से गुजरना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जब तक कोई लिखित समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरानी जहाजों पर लगा अमेरिकी प्रतिबंध पूरी तरह से लागू रहेगा।

ओमान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे प्रयास

ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बदर बिन हमद अल बुसैदी लगातार कई देशों के संपर्क में हैं। उन्होंने ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी के नेतृत्व में आए ईरानी प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बात कही। इसके अलावा, पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर भी संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी कहा है कि किसी भी समझौते में बिना किसी शुल्क के स्वतंत्र समुद्री आवाजाही की गारंटी होनी चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान और यूरोपीय संघ के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्या है?

ओमान के विदेश मंत्री और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के बीच हुई इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य Strait of Hormuz और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को फिर से शुरू करना और क्षेत्रीय तनाव को कम करना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस मामले पर क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की टोल योजना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरानी जहाजों पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com