ओमान में कर्ज के बोझ तले दबे और जेल गए लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। ‘Fak-Kurba’ नाम की एक मानवीय मुहिम के जरिए 1,519 लोगों को जेल से रिहा कराया गया है। यह पहल उन लोगों की मदद करती है जो छोटे वित्तीय विवादों के कारण कानूनी मुश्किलों में फंस गए थे और जिन्हें अब एक नया मौका मिला है।

Fak-Kurba मुहिम के आंकड़े और रिहाई की जानकारी

इस पहल के 13वें संस्करण के अंतिम आंकड़े 28 अप्रैल 2026 को जारी किए गए। इस बार ओमान के विभिन्न प्रांतों से कुल 1,519 लोगों को रिहा कराया गया। सबसे ज्यादा फायदा Muscat Governorate के लोगों को मिला, जहाँ 567 मामले दर्ज थे। साल 2012 में शुरू हुई इस मुहिम के जरिए अब तक कुल 9,717 लोगों को आजादी मिली है।

विवरण आंकड़े/जानकारी
कुल रिहा लोग (13वां संस्करण) 1,519
Muscat में लाभार्थी 567
कुल लाभार्थी (2012 से अब तक) 9,717
कर्ज की अधिकतम सीमा 2,000 ओमान रियाल
शुरुआत का साल 2012

मदद पाने के नियम और चयन प्रक्रिया

यह मदद सिर्फ उन लोगों को मिलती है जो गैर-अपराधिक वित्तीय मामलों जैसे सिविल, कमर्शियल, शरीयत और लेबर विवादों की वजह से जेल में हैं। आपराधिक मामलों वाले कैदी इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते। इसके लिए शर्त यह है कि व्यक्ति ने पहले इस मुहिम का लाभ न लिया हो और उसका कर्ज 2,000 ओमान रियाल से ज्यादा न हो।

Oman Lawyers Association इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख और कार्यान्वयन करती है। मामलों की जांच काउंसिल ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स फॉर द जुडिशरी का जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ एग्जीक्यूशन विभाग करता है। इसमें बुजुर्गों और कम कर्ज वाले लोगों को पहले प्राथमिकता दी जाती है। फंड सीधे कोर्ट के एग्जीक्यूशन विभागों में ट्रांसफर किए जाते हैं, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फाइल बंद कर रिहाई की जाती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Fak-Kurba मुहिम क्या है?

यह ओमान लॉयर्स एसोसिएशन द्वारा चलाई जाने वाली एक मानवीय पहल है, जिसका उद्देश्य उन लोगों को रिहा कराना है जो गैर-अपराधिक वित्तीय कर्ज की वजह से जेल में हैं।

इस योजना के तहत मदद पाने के लिए क्या शर्तें हैं?

लाभार्थी का कर्ज 2,000 ओमान रियाल से कम होना चाहिए और वह किसी आपराधिक मामले में शामिल नहीं होना चाहिए। इसमें बुजुर्गों और छोटे कर्ज वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.