ओमान के मेडिकल क्षेत्र में एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है. देश में पहली बार CAR-T सेल थेरेपी का सफल इस्तेमाल किया गया है. सबसे खास बात यह है कि इस इलाज के लिए जरूरी सेल्स को ओमान की अपनी लैब में ही तैयार किया गया. यह कदम ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है.

CAR-T सेल थेरेपी क्या है और ओमान में यह कैसे हुआ?

CAR-T सेल थेरेपी ब्लड कैंसर का एक बहुत एडवांस इलाज है. इसमें मरीज के शरीर से इम्यून सेल्स लिए जाते हैं और उन्हें लैब में जेनेटिक तरीके से बदला जाता है ताकि वे कैंसर सेल्स को पहचान कर उन्हें खत्म कर सकें. University Medical City के National Centre for Haematology and Marrow Transplantation और Sultan Qaboos University के कॉलेज ऑफ मेडिसिन ने मिलकर इस काम को पूरा किया.

इस कामयाबी से मरीजों को क्या फायदा होगा?

अब तक इस तरह के इलाज के लिए मरीजों को अक्सर विदेश जाना पड़ता था. Haematology विभाग के प्रमुख Dr. Khalil bin Saleh Al Farsi ने बताया कि इस कदम का मकसद इलाज को देश में ही उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वहीं Dr. Ibrahim Al Nabhani ने कहा कि ओमान का मेडिकल सिस्टम अब तकनीकी तौर पर इतना सक्षम है कि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के एडवांस इलाज संभव हैं.

पहले और अब के इलाज में क्या अंतर है?

ओमान में इससे पहले अगस्त 2025 में भी यह थेरेपी की गई थी, लेकिन तब भारत के Fortis Memorial Research Institute जैसे बाहरी पार्टनर्स की मदद ली गई थी. लेकिन 12 मई 2026 को जो सफलता मिली, उसमें पूरा प्रोसेस यानी सेल्स का कलेक्शन और तैयारी ओमान की अपनी नेशनल लैब में ही पूरी हुई.

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह इलाज किन मरीजों के लिए असरदार है?

यह थेरेपी मुख्य रूप से B-cell Acute Lymphoblastic Leukaemia (B-ALL) और Diffuse Large B-cell Lymphoma (DLBCL) जैसे ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए है, जिन पर सामान्य इलाज काम नहीं करते.

CAR-T सेल थेरेपी की प्रक्रिया क्या है?

इसमें सबसे पहले अपाफेरेसिस तकनीक से मरीज के इम्यून सेल्स निकाले जाते हैं, फिर लैब में उन्हें जेनेटिकली मॉडिफाई किया जाता है और अंत में उन्हें वापस मरीज के शरीर में डाल दिया जाता है.